19,338 शीशी कफ सिरप और 61,600 जेनेरिक टैबलेट बरामद, तस्करी में प्रयुक्त कार भी कब्जे में
प्रयागराज। एसटीएफ की प्रयागराज फील्ड इकाई ने अंतरराज्यीय स्तर पर कथित रूप से कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 19,338 शीशी कोडीन कफ सिरप, विभिन्न ब्रांड की 61,600 जेनेरिक दवाओं की टैबलेट और तस्करी में प्रयुक्त टाटा नेक्सॉन कार बरामद की गई। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।
एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशुतोष तिवारी उर्फ प्रवेश तिवारी निवासी अयोध्या, हाल पता धूमनगंज प्रयागराज, अंकेश कुमार और अमित प्रजापति, दोनों निवासी जयरामपुर, सूबेदारगंज, धूमनगंज प्रयागराज के रूप में हुई है।
एसटीएफ ने बताया कि 27 सितंबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में भारत गैस के पास कटहुला गौसपुर स्थित एक मकान में अवैध कोडीनयुक्त कफ सिरप और अन्य दवाओं का भंडारण किया गया है। सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम ने सहायक पुलिस आयुक्त धूमनगंज तथा औषधि निरीक्षकों की टीम के साथ मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कफ सिरप और बड़ी मात्रा में टैबलेट मिलने पर तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
बैच नंबर मिटाने का आरोप
एसटीएफ के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि गिरोह दिल्ली से कोडीनयुक्त कफ सिरप और जेनेरिक दवाएं मंगाकर प्रयागराज में किराये के मकान में डंप करता था। पुलिस का दावा है कि सप्लायर की पहचान छिपाने के लिए कफ सिरप की शीशियों पर दर्ज बैच नंबर को ग्राइंडर से मिटाया जाता था। इसके बाद माल को बोरियों में भरकर कार से स्थानीय बाजार के अलावा आसपास के जिलों और अन्य राज्यों में भेजा जाता था।
एसटीएफ ने गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी मिलने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार मामले में दिल्ली में फर्म बनाकर फर्जी दस्तावेजों और बिल्टी के माध्यम से माल मंगाने की बात पूछताछ में सामने आई है। इन तथ्यों की जांच की जा रही है।
वाहन, मोबाइल और उपकरण भी बरामद
कार्रवाई के दौरान 19,338 शीशी कोडीन कफ सिरप, अलग-अलग नाम की 61,600 जेनेरिक टैबलेट, टाटा नेक्सॉन कार संख्या UP 70 GS 8425, 95 खाली बोरियां, दो टूल किट/डाई ग्राइंडर और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।
एसटीएफ के अनुसार आरोपियों के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में मुकदमा अपराध संख्या 150/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/22 में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है। बरामद दवाओं की वैधता, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।








