बदहाल सड़कों पर चला कागजी फावड़ा! पोर्टल पर 13,754 मजदूरों की हाजिरी, मौके पर नहीं मिला काम
देवरिया | जागरण टीम की पड़ताल देवरिया में 25 से 27 सितंबर के बीच बारिश के दौरान मनरेगा/रोजगार योजना के कामों में दर्ज हुई मजदूरों की उपस्थिति, जांच में कई जगह काम और श्रमिक दोनों नदारद
प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के बीच ग्रामीण रोजगार योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों की जमीनी हकीकत और पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों में अंतर सामने आया है। 25 से 27 सितंबर के बीच देवरिया में पोर्टल पर 13,754 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि मौके पर पड़ताल के दौरान कई स्थानों पर न तो काम होता मिला और न ही श्रमिक नजर आए रिपोर्ट के अनुसार इन तीन दिनों में पोर्टल पर क्रमश: 6,367, 2,564 और 4,823 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई। इन मजदूरों के माध्यम से मिट्टी पटाई और पौधारोपण जैसे कार्य दिखाए गए थे देवरिया के कुंडावलहरी में जिस सड़क पर कार्य दर्ज किया गया, वहां बारिश के बीच जमीनी स्थिति अलग नजर आई। 25 सितंबर को 16.6 मिमी, 26 सितंबर को 20.6 मिमी और 27 सितंबर को 75.2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इसके बावजूद पोर्टल पर बड़ी संख्या में मजदूरों की हाजिरी दर्ज होने का मामला जांच के दायरे में आया।
अयोध्या और बदायूं में भी सामने आई स्थिति
रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या के 11 ब्लॉकों में 1,124 मजदूरों को काम पर दर्ज किया गया था। वहीं बदायूं में 26 सितंबर को सात गांवों में 253 मजदूरों की उपस्थिति दिखाई गई। 27 सितंबर को जांच के दौरान कई स्थानों पर काम नहीं मिला और ग्रामीणों ने भी काम होने से इनकार किया पड़ताल में यह भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए मास्टर रोल तैयार किया गया था। एक स्थान पर मास्टर रोल को शून्य किए जाने की बात भी सामने आई, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों ने इसकी जांच कराने की बात कही।
बारिश के दौरान काम दिखाने पर उठे सवाल
रिपोर्ट में बताया गया है कि लगातार बारिश के कारण खेतों और ग्रामीण रास्तों पर काम करना मुश्किल था। ऐसे में पोर्टल पर मिट्टी पटाई और पौधारोपण जैसे कार्यों के लिए बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होने से सवाल खड़े हुए हैं सीडीओ गामिनी सिंगला ने मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार 25 से 27 सितंबर के दौरान क्षेत्र में करीब 250 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जिससे खेत जलमग्न रहे और कई गांवों में आवागमन भी प्रभावित रहा।








