आजादी के 80 साल बाद भी अंधेरे में चार मजरे, डेढ़ दर्जन ग्रामीणों ने कनेक्शन लिया, फिर भी नहीं जला एक बल्ब
प्रयागराज। जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर पश्चिमी छोर पर चित्रकूट सीमा से सटे घने जंगलों के बीच बसे शंकरगढ़ क्षेत्र के बिहरिया गांव के चार मजरे आज भी बिजली की रोशनी से महरूम हैं। गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने के दावों के बीच शाम ढलते ही यहां अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिलाधिकारी के आदेश के बाद विद्युतीकरण के लिए खंभे तो गाड़ दिए गए, लेकिन इसके बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया ग्रामीणों के मुताबिक बिजली न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है। वहीं महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को भी रात में परेशानी का सामना करना पड़ता है। मोबाइल चार्ज करने तक के लिए उन्हें दूसरे स्थानों का सहारा लेना पड़ता है। जंगल से घिरे गांव में रात के समय जंगली जानवरों का खतरा भी बना रहता है।

प्रधान के प्रयास से जगी थी उम्मीद
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव के बाद विजयलक्ष्मी सिंह ने प्रधान पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने गांव की बिजली समस्या को प्राथमिकता से उठाते हुए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से विद्युतीकरण की मांग की। मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा ने गांव में विद्युतीकरण के लिए विश्व समुद्रा कंपनी को कार्य कराने का आदेश दिया ग्रामीणों का कहना है कि आदेश के बाद कार्यदायी संस्था ने गांव में बिजली के खंभे लगाने के लिए गड्ढे खोदे और कुछ खंभे भी गाड़ दिए। इससे लोगों को उम्मीद जगी कि जल्द ही घरों में बिजली पहुंच जाएगी। हालांकि, खंभे लगाने के बाद काम बंद हो गया। इसके बाद न तो बिजली के तार खींचे गए और न ही ट्रांसफार्मर लगाया गया।
कनेक्शन लिया, फिर भी घरों में नहीं जला बल्ब
ग्राम प्रधान (प्रशासक) विजयलक्ष्मी सिंह ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों से कनेक्शन के लिए आवेदन करने को कहा गया था। विभाग के निर्देश पर भंवर सिंह, दिनेश सिंह, गुड्डी देवी समेत करीब डेढ़ दर्जन ग्रामीणों ने अपने खर्च से बिजली कनेक्शन भी लिया। ग्रामीणों के पास कनेक्शन की रसीदें भी हैं, लेकिन अब तक उनके घरों में बिजली नहीं पहुंची है विजयलक्ष्मी सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद विद्युतीकरण कार्य पूरा नहीं होना ग्रामीणों के लिए निराशाजनक है। उन्होंने संबंधित विभाग से अधूरा काम जल्द पूरा कर गांव में बिजली आपूर्ति शुरू कराने की मांग की।
जिम्मेदार अधिकारियों से नहीं हो सका संपर्क
मामले में बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि विद्युतीकरण कार्य किस कारण से रुका है और इसे कब तक पूरा किया जाएगा फिलहाल बिहरिया गांव के ग्रामीण बिजली के खंभों को देखकर इस इंतजार में हैं कि इन पर तार कब खिंचेंगे, ट्रांसफार्मर कब लगेगा और उनके घरों में बिजली की रोशनी कब पहुंचेगी।








