साइबर टीम की त्वरित कार्रवाई और प्रभावी पैरवी से पीड़ित के खाते में वापस आए ₹3,39,708.12
आजमगढ़। निवेश के नाम पर साइबर ठगी के शिकार हुए निजामाबाद थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति को पुलिस ने बड़ी राहत दिलाई है। थाना निजामाबाद की साइबर टीम की तत्परता और प्रभावी पैरवी के बाद पीड़ित के खाते में साइबर फ्रॉड की पूरी ₹3,39,708.12 की धनराशि वापस करा दी गई।
धनराशि वापस मिलने के बाद पीड़ित ने निजामाबाद पुलिस और साइबर टीम का आभार जताते हुए धन्यवाद किया।
निवेश में अधिक मुनाफे का दिया था झांसा
पुलिस के अनुसार, 6 जनवरी 2026 को निजामाबाद थाना क्षेत्र निवासी सोनू यादव पुत्र हीरालाल यादव के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते से निवेश के नाम पर साइबर फ्रॉड किया गया था। साइबर अपराधियों ने पीड़ित को निवेश में अधिक लाभ और मुनाफा दिलाने का लालच देकर ऑनलाइन माध्यम से रकम ट्रांसफर कराई और बाद में धनराशि वापस नहीं की।
घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई।
अलग-अलग खातों में होल्ड कराई गई ठगी की रकम
शिकायत मिलने के बाद साइबर टीम ने NCRP पोर्टल के माध्यम से संबंधित बैंकों से समन्वय स्थापित किया। पुलिस की कार्रवाई के चलते ठगी की रकम को विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराया गया।
शिकायत संख्या 23101260003864 से संबंधित ₹3,35,362.20
शिकायत संख्या 23101260003971 से संबंधित ₹6,457.80
इस तरह कुल ₹3,41,820 की रकम होल्ड कराई गई थी।
इसके बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर पुलिस ने कोर्ट ऑर्डर के माध्यम से ₹3,39,708.12 की धनराशि 8 सितंबर 2026 को पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दी।
साइबर टीम की कार्रवाई से मिली रकम वापस
प्रभारी निरीक्षक थाना निजामाबाद राकेश कुमार सिंह के निर्देशन में स्थानीय साइबर टीम ने संबंधित बैंकों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कराई। इसके परिणामस्वरूप पीड़ित को उसकी फ्रॉड की गई लगभग पूरी धनराशि वापस मिल सकी।
निवेश के नाम पर साइबर ठगी से रहें सावधान
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या फोन कॉल के माध्यम से मिलने वाले अधिक मुनाफे वाले निवेश प्रस्तावों पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें।
किसी भी निवेश से पहले कंपनी, ऐप और वेबसाइट की वैधता एवं प्रामाणिकता की जांच जरूर करें। इसके अलावा OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN और नेट बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें तथा अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें।
साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करें और “राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल” (https://reference-url-citation.invalid/0) पर भी शिकायत दर्ज करें। पुलिस के मुताबिक, ठगी के तुरंत बाद शिकायत करने से रकम को होल्ड कराने और वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है।
साइबर टीम
– उ0नि0 दिलीप आनन्द
– का0 राकेश यादव
– का0 संदेश सिंह
– म0आ0 रेनू देवी
आजमगढ़ पुलिस की अपील। साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क और जागरूक रहें। किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या निवेश प्रस्ताव पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें।








