गोरखपुर में मुख्यमंत्री ने सपा की शिक्षा नीति पर उठाए सवाल, शिक्षकों के हितों की अनदेखी का लगाया आरोप
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और शिक्षा नदी के दो ऐसे छोर हैं, जो कभी एक नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि जो लोग शिक्षा के विरोधी रहे हैं, वे शिक्षकों के हितैषी नहीं हो सकते। मुख्यमंत्री गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, शिक्षकों को सम्मान देने और विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। इसके विपरीत, उनके आरोप के मुताबिक, सपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि उस समय नकल प्रदेश की पहचान बन गई थी और शिक्षकों को अपनी सुरक्षा के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
सपा सरकार के कार्यकाल पर उठाए सवाल
योगी आदित्यनाथ ने पुरानी पेंशन व्यवस्था और कर्मचारियों के हितों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार ने नई पेंशन योजना लागू की थी, लेकिन कर्मचारियों के खाते तक नहीं खोले गए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद इस दिशा में कदम उठाए गए। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2019 में समिति गठित कर 10 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए और 14 लाख कर्मचारियों के खाते खोलकर धनराशि भेजी गई उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना, शिक्षकों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराना और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाना है। मुख्यमंत्री ने सपा पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और अराजकता को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया।
आपदा प्रभावित किसानों के खातों में 493 करोड़ रुपये भेजे जाने का दावा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित किसानों को राहत राशि दिए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 9,18,091 किसानों के खातों में लगभग 493 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, फसल बर्बाद होने की स्थिति में किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है उन्होंने कहा कि किसानों के लिए भेजी जाने वाली सहायता राशि का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। यदि राहत वितरण में बिचौलिये या भ्रष्ट तंत्र हावी हो जाएं, तो इसका असर जनता के विश्वास पर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान राहत राशि के वितरण में पारदर्शिता की कमी रही।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है और उसका आचरण लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद उसका श्रेय लेने और हारने पर ईवीएम तथा निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाने से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में शिक्षकों और अन्य लोगों से संवाद करते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया कुल मिलाकर, गोरखपुर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निशाने पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों रहीं। उन्होंने शिक्षा, शिक्षक हित, पेंशन व्यवस्था और किसानों को राहत देने के मुद्दों के जरिए भाजपा सरकार की नीतियों को सामने रखा।








