साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों को किया जागरूक, ठगी होने पर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की दी सलाह
आजमगढ़। नेशनल साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस माह (NCSAM) के अंतर्गत 16 अक्टूबर 2026 को थाना साइबर क्राइम पुलिस की ओर से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, कोटिला, रानी की सराय में साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान लोगों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, सेक्सटॉर्शन और सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।

डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से बचने की दी जानकारी
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज श्रीवास्तव के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी अपराध कौस्तुभ त्रिपाठी के नेतृत्व में यह अभियान आयोजित किया गया।
अभियान के दौरान लाउडहेलर और पंपलेट के माध्यम से लोगों को बताया गया कि साइबर अपराधी फर्जी पुलिस अधिकारी या सीबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते हैं और धनराशि की मांग करते हैं। इसके अलावा फर्जी ऐप डाउनलोड कराने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक कराने तथा गिफ्ट और लॉटरी के नाम पर भी ठगी की जाती है।
पुलिस ने म्यूल अकाउंट, फर्जी मोबाइल नंबरों के दुरुपयोग और सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी।
पासवर्ड सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर जोर
साइबर पुलिस टीम ने लोगों को मजबूत एवं अलग-अलग पासवर्ड रखने, महत्वपूर्ण पासवर्ड का दोबारा इस्तेमाल नहीं करने, पासवर्ड मैनेजर अपनाने और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA/2FA) सक्रिय रखने की सलाह दी। साथ ही डिजिटल खातों की सुरक्षा के लिए पासकी के उपयोग के बारे में भी बताया गया।
सेक्सटॉर्शन से बचने के बताए तरीके
पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर सोशल मीडिया पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज सकते हैं। इसके बाद व्हाट्सएप नंबर लेकर वीडियो कॉल के माध्यम से अश्लील वीडियो दिखाने और स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए ब्लैकमेल कर पैसे मांगने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है।
लोगों को सलाह दी गई कि अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने और अज्ञात नंबरों से वीडियो कॉल उठाने में सावधानी बरतें। किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग होने पर घबराकर पैसे देने के बजाय तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
आजमगढ़ पुलिस ने आमजन को भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और आधिकारिक वेबसाइट “www.cybercrime.gov.in” (https://www.cybercrime.gov.in) की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी होने पर तत्काल शिकायत करने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
अभियान में शामिल रहे पुलिसकर्मी
जागरूकता अभियान में थाना साइबर क्राइम के हेड कांस्टेबल कल्लू प्रसाद, हेड कांस्टेबल सुखनन्दन सिंह, कांस्टेबल रामाश्रय यादव, कांस्टेबल विकास कुमार, महिला कांस्टेबल हसीना खातून और महिला कांस्टेबल प्रियंका गौड़ शामिल रहीं।








