फूलपुर पुलिस और विशेष अपराध नियंत्रण टीम की संयुक्त कार्रवाई; दोनों आरोपियों पर घोषित था कुल 75 हजार रुपये का इनाम, कई जनपदों में दर्ज हैं आपराधिक मामले
फूलपुर (आजमगढ़)। आजमगढ़ पुलिस ने अंतर्जनपदीय गोवध गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित दो इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सलमान पुत्र फिरोज और सज्जाद पुत्र अजीज के रूप में हुई है। दोनों ग्राम पीठापुर, थाना अहरौला, जनपद आजमगढ़ के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, सलमान की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये और सज्जाद की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। दोनों पर कुल 75 हजार रुपये का इनाम था। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ गोवध, एनडीपीएस एक्ट, अवैध शस्त्र सहित विभिन्न गंभीर अपराधों से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं।
गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में चल रहे थे वांछित
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी आजमगढ़ द्वारा अनुमोदित गैंग चार्ट के आधार पर 5 जून 2026 को थाना फूलपुर में मुकदमा अपराध संख्या 190/2026, धारा 3(1) एवं 2(ख)(17) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत सलमान समेत चार अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में सलमान और सज्जाद वांछित चल रहे थे। दोनों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग इनाम घोषित किए गए थे। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक थाना पवई द्वारा की जा रही है।
सतुवहिया पुलिया के पास से हुई गिरफ्तारी
वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में 19 अक्टूबर 2026 को थाना फूलपुर पुलिस और विशेष अपराध नियंत्रण टीम को सफलता मिली। पुलिस के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र प्रताप सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में वांछित अभियुक्तों की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने सतुवहिया पुलिया से कुछ पहले घेराबंदी कर दोनों अभियुक्तों को सुबह करीब 11:35 बजे गिरफ्तार कर लिया यह कार्रवाई पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण तथा क्षेत्राधिकारी फूलपुर के पर्यवेक्षण में की गई।
पूछताछ में गिरोह से जुड़े होने की बात
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि उनका एक गिरोह है और वे अपने साथियों के साथ मिलकर गोवध का कार्य करते हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास कई जनपदों तक फैला हुआ है। उनके खिलाफ दर्ज मामलों में गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट तथा भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं से संबंधित मुकदमे शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर संबंधित मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
सलमान के खिलाफ 36 मुकदमे दर्ज
पुलिस द्वारा जारी आपराधिक विवरण के अनुसार, अभियुक्त सलमान पुत्र फिरोज के खिलाफ कुल 36 मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ वर्ष 2013 से लेकर वर्ष 2026 तक आजमगढ़ के अलावा अंबेडकरनगर, संतकबीर नगर, जौनपुर, मऊ, गोंडा, अयोध्या और प्रतापगढ़ सहित विभिन्न जनपदों के थानों में मुकदमे दर्ज होने का उल्लेख है इन मामलों में गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम से जुड़े मुकदमों के साथ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, चोरी, धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और पुलिस कार्यवाही में बाधा डालने जैसे आरोपों से संबंधित मामले भी शामिल हैं, पुलिस रिकॉर्ड में वर्ष 2013 में हत्या के प्रयास से संबंधित मुकदमा भी दर्ज है, सलमान के खिलाफ दर्ज मुकदमों की संख्या और उनका विवरण पुलिस द्वारा जारी आपराधिक इतिहास पर आधारित है; मुकदमे दर्ज होना अपने आप में आरोप सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
सज्जाद के खिलाफ 11 मुकदमे दर्ज
दूसरे गिरफ्तार अभियुक्त सज्जाद पुत्र अजीज के खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें आजमगढ़ के अलावा गोंडा और देवरिया जनपद के थानों में दर्ज मामले भी शामिल हैं। उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और अन्य आपराधिक धाराओं से संबंधित मुकदमों का उल्लेख है। पुलिस के अनुसार, सज्जाद की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
इस संयुक्त कार्रवाई मे थाना फूलपुर के प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक अजीज खान, कांस्टेबल महेन्द्र कुमार सरोज और कांस्टेबल विनोद कुमार यादव शामिल रहे। विशेष अपराध नियंत्रण टीम की ओर से उपनिरीक्षक सच्चिदानन्द, कांस्टेबल श्रेष्ठ कुमार यादव और कांस्टेबल आनन्द मौर्या ने कार्रवाई में भाग लिया पुलिस के अनुसार, दोनों अभियुक्तों को गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में गिरफ्तार किया गया है और उनके विरुद्ध आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।








