इंस्टाग्राम पर कुर्ती खरीदने के नाम पर छात्रा से ठगी, जांच में 30 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम पर कुर्ती का विज्ञापन देखकर ऑर्डर देने वाली दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा से 6,450 रुपये की ठगी की गई मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 30 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है पुलिस ने ग्रेटर नोएडा स्थित नॉलेज पार्क और कानपुर में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि ये लोग फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और कमीशन के बदले उन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में करते थे।
बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले मिलता था कमीशन
पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर काइनेटिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, एग्रीकल्चरल एज और नेवस्कोर जैसी कंपनियों के नाम से काम कर रहे थे। जांच में सामने आया कि बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले कुछ लोगों को हर महीने 25 हजार रुपये तक दिए जाते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जाता था।
799 रुपये की कुर्ती के ऑर्डर से शुरू हुई ठगी
रिपोर्ट के अनुसार, प्रयागराज की रहने वाली और दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज की छात्रा फातिमा ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। छात्रा ने इंस्टाग्राम पर ‘काव्या कुर्ती हब’ नाम के अकाउंट पर कुर्ती का विज्ञापन देखा था। इसके बाद व्हाट्सएप के जरिए 799 रुपये का ऑर्डर दिया आरोप है कि ऑर्डर के बाद छात्रा से 400 रुपये एडवांस लिए गए। बाद में पार्सल डिलीवरी और रिफंड के नाम पर उससे कुल 6,450 रुपये वसूल लिए गए। इसके बावजूद उसे अपेक्षित सामान या रिफंड नहीं मिला।
देश के अलग-अलग राज्यों से मिलीं शिकायतें
पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के 27 मामलों की शिकायतें अलग-अलग राज्यों से मिली थीं। शिकायत के आधार पर 4 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने करीब 200 मोबाइल नंबरों और आईएमईआई नंबरों की जांच की, जिसके आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।
ऑनलाइन खरीदारी में सावधानी जरूरी
यह मामला ऑनलाइन खरीदारी के दौरान सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करता है। सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों पर बिना सत्यापन भरोसा करने और डिलीवरी या रिफंड के नाम पर बार-बार भुगतान करने से बचना चाहिए। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत बैंक को सूचित करें और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।








