किराये के मकान में दो महीने से चल रहा था हथियार बनाने का धंधा, पिता भी करता था मदद,तीन देसी पिस्टल, 143 कारतूस और हथियार बनाने की मशीनें बरामद
वाराणसी। वाराणसी पुलिस ने सिपाही अमित शुक्ला पर जानलेवा फायरिंग के मामले की जांच के दौरान अवैध असलहा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि अवैध हथियार बनाने वाले गिरोह का सरगना अंजनी नंदन झा एक पुजारी का बेटा है। आरोप है कि उसका पिता विमल कांत झा भी असलहा फैक्ट्री चलाने में उसकी मदद करता था पुलिस के मुताबिक, अंजनी नंदन झा ने वाराणसी के अस्सी इलाके में किराये के मकान में अवैध असलहा फैक्ट्री संचालित कर रखी थी। वह करीब दो महीने से यहां हथियार बनाने का काम कर रहा था। पुलिस ने फैक्ट्री से .32 बोर की तीन देसी पिस्टल, 143 जिंदा कारतूस, 24 खोखा कारतूस, 19 अर्धनिर्मित तमंचे, मैगजीन तथा हथियार बनाने की आधुनिक मशीनें और उपकरण बरामद किए हैं।
सिपाही पर फायरिंग के बाद खुला असलहा फैक्ट्री का राज
जानकारी के अनुसार, 30 अक्टूबर की रात पुलिस टीम असलहा तस्करों को पकड़ने पहुंची थी। इसी दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसमें सिपाही अमित शुक्ला को तीन गोलियां लगीं। उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। पुलिस के मुताबिक उनकी हालत खतरे से बाहर है पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान राज विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। इसके बाद अंजनी नंदन झा और बिहार के गोपालगंज निवासी राज तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
मोबाइल कॉल डिटेल से हुआ खुलासा
एडीसीपी काशी वैभव बांगर के अनुसार, सर्विलांस और मोबाइल कॉल डिटेल खंगालने के दौरान अंजनी और अमन कुमार मिश्रा के बीच बातचीत का पता चला। लोकेशन के आधार पर अमन को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने असलहा-कारतूस की आपूर्ति और पैसों के लेन-देन में अंजनी का सहयोग करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने अवैध हथियार बनाने के ठिकाने का पता लगाया।
बिहार के मुंगेर में सीखा था हथियार बनाना
पुलिस के मुताबिक, नौवीं पास अंजनी नंदन झा ने बिहार के मुंगेर में असलहा बनाने का तरीका सीखा था। इसके बाद उसने वाराणसी के अस्सी इलाके में किराये का मकान लेकर अवैध हथियार बनाने का काम शुरू कर दिया। अंजनी के पिता विमल कांत झा अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर के पुजारी बताए गए हैं। आरोप है कि वह भी बेटे के इस अवैध कारोबार में मदद कर रहा था पुलिस के अनुसार, विमल कांत झा ने बताया कि वे करीब दो-तीन महीने पहले इस मकान में रहने आए थे। उनका बेटा गलत संगत और नशे का आदी है। अवैध असलहों से मोटी कमाई के लालच में वह भी बेटे की मदद करने लगा पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संपर्कों, हथियारों की सप्लाई और खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।








