

नागा बाबा सरोवर की बदहाली के साथ नगर पंचायत की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, सफाई, सड़क और स्ट्रीट लाइट की समस्या से परेशान नगरवासी
फूलपुर, आजमगढ़। आदर्श नगर पंचायत फूलपुर में विकास और साफ-सफाई के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। बस स्टैंड स्थित नागा बाबा सरोवर की बदहाल स्थिति नगर पंचायत की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है। सरोवर परिसर में गंदगी का अंबार, टूटी हुई रेलिंग और खराब पड़ी लाइटिंग व्यवस्था इसकी स्थिति को दर्शाती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, तीन साल का कार्यकाल बीतने के बावजूद सरोवर के सुंदरीकरण की दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं हो सका है, जबकि यहां छठ पूजा सहित कई धार्मिक आयोजन होते हैं और लोगों की आस्था जुड़ी हुई है।

वहीं, नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में भी सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर कूड़े-कचरे का अंबार लगा रहता है। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था भी कई जगह बदहाल बताई जा रही है।

नगर पंचायत में कुल 10 सभासद विभिन्न वार्डों का प्रतिनिधित्व करते हैं। स्थानीय स्तर पर यह शिकायत भी सामने आ रही है कि अधिकांश सभासदों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से नहीं सुना जाता। समय-समय पर बोर्ड बैठकें आयोजित न होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनी जा रही तो वार्डों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा?

नगर पंचायत अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर नियमित बोर्ड बैठकें, सफाई, सड़क मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की जवाबदेही किसकी है?







