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आजमगढ़ में विकास को नई रफ्तार: 10 करोड़ की लागत से दुग्ध अवशीतन केंद्र का CM के हाथों उद्घाटन आज!

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श्री बाबा गोरखनाथ कृपा दुग्ध उत्पादक संस्था के दुग्ध अवशीतन केंद्र का आज 3 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उद्घाटन करेंगें……

आजमगढ़, 06 अप्रैल 2026। जनपद आजमगढ़ के विकास को नई दिशा देने की कड़ी में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। दुग्धशाला विकास विभाग की उद्योग नीति के तहत मिरिया (रेहड़ा), पोस्ट कंधरापुर, तहसील सगड़ी स्थित श्री बाबा गोरखनाथ कृपा दुग्ध उत्पादक संस्था के दुग्ध अवशीतन केंद्र का उद्घाटन आज अपराह्न 3 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस आधुनिक प्लांट का निर्माण इन्वेस्ट यूपी के तहत किया गया है। इस दुग्ध अवशीतन केंद्र की वर्तमान क्षमता 40,000 लीटर प्रतिदिन है, जो जनपद के 165 गांवों को कवर करेगा। इसके माध्यम से 18 दुग्ध मार्ग बनाए गए हैं, जिन पर 18 दुग्ध उपार्जन वाहन संचालित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं।

इस केंद्र से गांव स्तर पर जुड़े 10 कर्मियों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है, जबकि प्लांट के मशीनरी और गुणवत्ता अनुभाग में 25 लोगों को काम मिला है। इसके अलावा 3,833 महिला दुग्ध उत्पादक सदस्य नियमित रूप से दूध आपूर्ति कर रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है।

महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा

श्री बाबा गोरखनाथ कृपा दुग्ध उत्पादक संस्था के माध्यम से महिला सशक्तीकरण को विशेष बल मिल रहा है। संस्था से जुड़ी महिलाओं को हर 10 दिन में उनके बैंक खातों में सीधे भुगतान किया जाता है। साथ ही डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है। संस्था के संचालन से करीब 4,000 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

सहकारिता मॉडल से बढ़ा दुग्ध उत्पादन

सहकारिता आधारित इस मॉडल से आजमगढ़ में दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2016 में जहां प्रतिदिन 16.43 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता था, वहीं 2025 में यह बढ़कर 21.91 लाख लीटर हो गया है, जो लगभग 30-35 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। जनपद में वर्तमान में 350 दुग्ध सहकारी समितियां सक्रिय हैं और 1,800 से अधिक महिलाएं इनसे जुड़ी हुई हैं। बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने से दुग्ध उत्पादकों को सीधे लाभ मिल रहा है।

गोवंश संरक्षण और पशु स्वास्थ्य पर जोर

आजमगढ़ में गोवंश संरक्षण और पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। जनपद की 92 गोशालाओं में 13,800 गोवंश संरक्षित हैं, जबकि 21 लाख पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है, कुल मिलाकर, मिरिया स्थित यह दुग्ध अवशीतन केंद्र न केवल आजमगढ़ के डेयरी सेक्टर को मजबूती देगा, बल्कि रोजगार सृजन, महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगा।

MANOJ GUPTA
Author: MANOJ GUPTA

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