नीट के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कमेटी का सदस्य था मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी……
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने मामले के कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है। कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कॉलेज में रसायन विज्ञान का लेक्चरर रह चुका है और सेवानिवृत्ति के बाद वह नीट के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कमेटी का सदस्य था।जांच एजेंसी के अनुसार, कमेटी में होने के कारण अप्रैल के अंतिम सप्ताह में कुलकर्णी के पास प्रश्नपत्र पहुंच गया था। आरोप है कि उसने पुणे की मनीषा बाघमारे की मदद से प्रश्नपत्र लीक किया। तीन मई को आयोजित नीट परीक्षा को पेपर लीक की पुष्टि के बाद रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद सीबीआइ ने 12 मई को एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू की। अब तक इस मामले में कुल आठ आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
सीबीआइ के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार को मनीषा bाघमारे से पूछताछ के दौरान पीवी कुलकर्णी का नाम सामने आया। मनीषा को आरोपितों से बातचीत और पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूतों पर संतोषजनक जवाब न देने के कारण गिरफ्तार किया गया था।
जांच में सामने आया है कि मनीषा अपने घर पर छात्रों को नीट की तैयारी कराती थी। कुलकर्णी से प्रश्नपत्र मिलने के बाद उसने छात्रों के लिए विशेष क्लास आयोजित की, जिसमें संभावित सवाल, उनके विकल्प और सही जवाब बताए गए। सीबीआइ का दावा है कि छात्रों की नोटबुक में लिखे कई सवाल हूबहू वही थे, जो नीट परीक्षा में पूछे गए।

एजेंसी को आशंका है कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कमेटी के अन्य सदस्य भी इस साजिश में शामिल हो सकते हैं। राजस्थान में ‘गेस पेपर’ के नाम पर बेचे गए लीक प्रश्नपत्र में जीव विज्ञान के सवाल भी परीक्षा से मेल खाते पाए गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कुलकर्णी के पास जीव विज्ञान का प्रश्नपत्र कैसे पहुंचा। सीबीआइ अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। एजेंसी प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया में इस्तेमाल डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।









