जमुई के आज़ाद नगर यतीमखाना में अज़ीम-ओ-शान तालीमी जलसा, 13 बच्चों की हुई दस्तारबंदी
जमुई, बिहार से मो० आसिफ अनवर

जमुई,जिला मुख्यालय के आज़ाद नगर मोहल्ला स्थित मशहूर यतीमखाना में एक भव्य और ऐतिहासिक तालीमी जलसे का आयोजन किया गया।मखदूम शिमना काँफ्रेंस के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम बेहद कामयाब रहा, जिसमें ज़िले भर से हज़ारों की तादाद में अकीदतमंदों और आम लोगों ने शिरकत की। इस पाक मौके पर यतीमखाना के 13 बच्चों की पगड़ी बांधकर (दस्तारबंदी) ताजपोशी की गई और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआएं मांगी गईं।

देश के नामी उलेमा और शायरों ने की शिरकत
इस अज़ीम-ओ-शान जलसे में मुल्क के विभिन्न हिस्सों से आए नामी उलेमा और शायरों ने समां बांध दिया। मुख्य वक्ताओं और फनकारों में:
मुफ़्ती शमसुद्दीन (मकराना, राजस्थान)
इंटरनेशनल शायर दिलबर शाही (कोलकाता)
गुलाम समदानी (मधुपुर)
कारी फ़रीद (कोलकाता)
फ़िरोज़ अंजुम (मधुपुर) शामिल थे।
इन सभी ने अपनी तकरीरों और कलाम के ज़रिए तालीम (शिक्षा) की अहमियत पर ज़ोर दिया और लोगों को इंसानियत की राह पर चलने की सीख दी।
जिले के आसपास के इलाकों से गणमान्य लोगों की रही गरिमामयी मौजूदगी
कार्यक्रम को सफल बनाने में यतीम ख़ाना के सचिव एवं शहीद वीर अब्दुल हमीद ट्रस्ट के फाउंडर चेयरमैन ज़ेड अली भुट्टो, निगरान ग़ुलाम मुस्तफा और सदर मुजम्मिल अशरफ़ी की भूमिका सराहनीय रही। इसके अलावा शहर की कई जानी-मानी हस्तियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से ज़ियाउल रसूल गफ्फारी, हाफिज लोकमान, अकबर अंसारी, मेराज अंसारी, मोहम्मद रेहान, मौलाना फ़ारूक़ और हाफिज सलीम ,मोहम्मद अरमान खान, मोहम्मद इश्तीयाक खान सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मुल्क की सलामती और भाईचारे के लिए उठीं हज़ारों हथेलियाँ
जलसे के आखिरी दौर में मौजूद सभी उलेमा और अवाम ने मिलकर देश में अमन-चैन, आपसी मोहब्बत, तरक्की और भाईचारे की बहाली के लिए विशेष दुआ की।
3000 से अधिक लोगों ने पूरी रात उठाया जलसे का लुत्फ
यतीम ख़ाना के सेक्रेटरी ज़ेड अली भुट्टो ने जानकारी देते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक जलसे में खवातीन (महिलाओं) और मर्दों को मिलाकर लगभग 3000 से अधिक लोग शामिल हुए। सभी ने पूरी रात आपसी मेल-जोल और मुकम्मल अनुशासन के साथ जलसे को सुना।
अंत में कमेटी और ज़ेड अली भुट्टो की ओर से जलसे में दूर-दराज से आए सभी मेहमानों, उलेमा-ए-किराम और स्थानीय जनता का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया गया। यह कार्यक्रम हर दृष्टिकोण से बेहद कामयाब, ऐतिहासिक और यादगार साबित हुआ।








