कमलेश बिंद एनकाउंटर के बाद गाजीपुर में बवाल, शव रखकर प्रदर्शन; पथराव में सीओ समेत कई पुलिसकर्मी घायल
गाजीपुर। गाजीपुर के चर्चित विनीत राय हत्याकांड के आरोपित और एक लाख रुपये के इनामी कटरा गैंग के बदमाश कमलेश बिंद के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद गुरुवार को जिले में जमकर बवाल हुआ। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव जैसे ही शहर से सटे उसके पैतृक गांव गोंडा देहाती पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा।
अंतिम संस्कार के लिए ले जाए जा रहे शव को ग्रामीणों ने फूलनपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस द्वारा शव हटाने का प्रयास किए जाने पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई।
आरोप है कि महिलाओं सहित प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक के किनारे पड़े पत्थरों से पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में सीओ सिटी शेखर सिंह, नंदगंज थाना प्रभारी अतुल मिश्रा, दरोगा हरकुश पटेल तथा आरपीएफ जवान गणेश दुबे समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। सीओ सिटी के सरकारी वाहन का शीशा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिसकर्मियों को तीन बार पीछे हटना पड़ा। उग्र भीड़ पुलिस को खदेड़ते हुए गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन तक पहुंच गई। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी को मौके पर बुलाया गया।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर श्मशान घाट पहुंचाया, जहां अंतिम संस्कार कराया गया। घटना के बाद लंका-बाईपास मार्ग को बंद कर दिया गया तथा पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया है। कमलेश बिंद के भाई संजय बिंद का कहना है कि उसके भाई की हत्या की गई है और परिवार न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएगा।
उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कमलेश बिंद के सीने में तीन गोलियां लगने की पुष्टि हुई है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है।








