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पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव: चार दिनों में तीन जहाजों पर हमले, तीन भारतीय नाविकों की मौत; भारत ने जताया कड़ा विरोध

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पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव: चार दिनों में तीन जहाजों पर हमले, तीन भारतीय नाविकों की मौत; भारत ने जताया कड़ा विरोध

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पिछले चार दिनों में ओमान के तट के पास तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। इन जहाजों पर भारतीय चालक दल के सदस्य भी मौजूद थे। घटनाओं में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया। इन घटनाओं को लेकर भारत सरकार ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

तीन जहाज बने निशाना

जानकारी के अनुसार, चार दिनों के भीतर तीन अलग-अलग वाणिज्यिक जहाज हमलों का शिकार हुए। हालांकि ये जहाज भारत में पंजीकृत नहीं थे, लेकिन इनमें भारतीय नागरिक चालक दल के रूप में कार्यरत थे।

सबसे ताजा घटना गुरुवार को सामने आई, जब एमटी जलवीर नामक जहाज पर हमला हुआ। इस जहाज पर मौजूद सभी 20 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

इससे एक दिन पहले बुधवार को एमटी सेट बेलो जहाज पर हमला किया गया। इस घटना में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) पटनाला सुरेश के रूप में हुई है।

हमले के बाद जहाज पर मौजूद 21 भारतीयों समेत कुल 25 चालक दल के सदस्यों को ओमान के अधिकारियों ने सुरक्षित बचा लिया।

सोमवार को एमवी वैक्स नामक जहाज भी हमले का शिकार हुआ था। उस जहाज पर मौजूद सभी 24 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया था।

जहाजों में लगी आग

रिपोर्टों के अनुसार, तीनों हमलों के बाद जहाजों में आग लग गई, जिससे वे संचालन योग्य नहीं रहे। राहत एवं बचाव दलों को चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष अभियान चलाना पड़ा।

भारत ने जताई नाराजगी

इन घटनाओं के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के समक्ष अपनी नाराजगी दर्ज कराई। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी जेसन मिक्स को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत ने इन घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और स्पष्ट किया है कि समुद्री मार्गों पर इस प्रकार की कार्रवाई बंद होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों से निकाला जाना चाहिए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के अनुसार महत्वपूर्ण जलमार्गों में जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर फोकस

भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। विदेश मंत्रालय संबंधित देशों और अधिकारियों के संपर्क में है ताकि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

नोट: इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय घटनाओं में तथ्यों की पुष्टि आधिकारिक सरकारी बयान, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से करना आवश्यक होता है।

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