आजमगढ़: आबादी की जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद, मारपीट और तोड़फोड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
आजमगढ़। जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र स्थित कलंदरपुर गांव में आबादी की भूमि को लेकर चल रहा पुराना विवाद एक बार फिर तनाव का कारण बन गया। विवाद के दौरान मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए हैं। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पीड़ित पक्ष की ओर से गंभीरपुर थाने में दी गई शिकायत के अनुसार, विवाद आबादी की भूमि से संबंधित है, जिसका मामला राजस्व न्यायालय में विचाराधीन बताया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दूसरे पक्ष ने विवादित भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया।
तहरीर के अनुसार, 24 जून की सुबह कुछ लोग मौके पर पहुंचे और कथित तौर पर पशुओं की नाद व खूंटे हटाने लगे। विरोध करने पर मारपीट हुई। शिकायत में टिनशेड, मंडई, बाउंड्री तथा मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त करने का भी आरोप लगाया गया है। बीच-बचाव करने पहुंचे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट किए जाने का दावा किया गया है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पर दी गई थी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले संबंधित लोग वहां से चले गए। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें तोड़फोड़ के दृश्य होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से सुरक्षा उपलब्ध कराने और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भूमि विवादों को हिंसा से कैसे बचाया जा सकता है?
भूमि संबंधी विवादों में हिंसा की स्थिति से बचने के लिए संबंधित पक्षों को न्यायालय या राजस्व विभाग की कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर संवाद, मध्यस्थता और प्रशासन की सहायता से करना ही उचित है। प्रशासन को भी ऐसे संवेदनशील मामलों में समय रहते हस्तक्षेप कर शांति व्यवस्था बनाए रखने और विवाद के निष्पक्ष निस्तारण का प्रयास करना चाहिए।








