बिहार में भले ही उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हो रही हो, लेकिन नेपाल के तराई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने उत्तर बिहार की चिंता बढ़ा दी है। नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण कोसी समेत कई नदियां उफान पर हैं। दरभंगा के किरतपुर प्रखंड में पश्चिमी तटबंध पर कटाव शुरू हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि दशकों से तटबंध का समुचित रखरखाव नहीं हुआ, जिससे हर साल बाढ़ का खतरा और बढ़ जाता है।
ये तस्वीरें दरभंगा जिले के किरतपुर प्रखंड की हैं, जहां कोसी के पश्चिमी तटबंध पर धीरे-धीरे कटाव बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेपाल में हो रही लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और तटबंध पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है
दरभंगा के किरतपुर प्रखंड के पश्चिमी तटबंध पर कटाव शुरू हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में कई गांव बाढ़ के गंभीर खतरे में आ सकते हैं।”
“1952 के बाद इस तटबंध का ठीक से मिट्टीकरण नहीं हुआ। हर साल नेपाल से पानी आने पर हमारा घर डूब जाता है। घर का सामान, अनाज और मवेशी तक बचाना मुश्किल हो जाता है। सरकार हमें सुरक्षित जगह पर पुनर्वास दे।”
ग्रामीणों के अनुसार कोसी नदी का क्षेत्र करीब 9 किलोमीटर चौड़ा है। नदी का मुख्य बहाव सीमित हिस्से में है, जबकि बाकी क्षेत्र में वर्षों से गांव बस चुके हैं। नेपाल से अधिक पानी आने पर पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है और लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।
फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन और सरकार पर टिकी है। लोगों की मांग है कि तटबंध को तत्काल मजबूत किया जाए और बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था की जाए, ताकि हर साल आने वाली इस त्रासदी से उन्हें राहत मिल सके।







