विकसित उत्तर प्रदेश की धुरी: नारी शक्ति कार्यक्रम में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान, महिला सुरक्षा व स्वावलंबन पर दिया गया जोर
आजमगढ़, 24 जुलाई 2026। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को “विकसित उत्तर प्रदेश की धुरी: नारी शक्ति” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार गर्भावस्था से लेकर शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार तक महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। मिशन वात्सल्य, जननी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और रानी लक्ष्मीबाई बाल सम्मान कोष जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
डीएम ने कहा कि जनपद की सभी 1810 ग्राम पंचायतों में कम से कम दो-दो स्वयं सहायता समूह गठित कर कुल 3620 स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि पात्र महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का गारंटी मुक्त एवं ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी थानों पर महिला हेल्प डेस्क संचालित हैं, जहां महिला पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित और सहज वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड के साथ-साथ ऑपरेशन गरुड़, ऑपरेशन शील्ड, ऑपरेशन डिस्ट्रॉय, ऑपरेशन बचपन, ऑपरेशन खोज, ऑपरेशन डायल एवं ऑपरेशन रक्षा जैसे विशेष अभियान भी प्रभावी ढंग से संचालित किए जा रहे हैं।
क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं एवं बालिकाओं को महिला सुरक्षा योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने 1090 वूमेन पावर लाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 102 एंबुलेंस सेवा, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 1930 साइबर हेल्पलाइन और 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सहित विभिन्न टोल-फ्री नंबरों के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने सम्मानित महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इस अवसर पर जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने उपस्थित महिलाओं एवं बालिकाओं को “विकसित उत्तर प्रदेश की धुरी: नारी शक्ति” विषयक बुकलेट, फोल्डर एवं पंपलेट वितरित किए। इनके माध्यम से महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन एवं आर्थिक सशक्तीकरण से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।








