जमुई से आसिफ अनवर की रिपोर्ट –
जमुई में बेटियों के हुनर और ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को नया आसमान मिल रहा है। झाझा प्रखंड के घोरिकवा गांव में पहली बार आयोजित ऐतिहासिक महिला फुटबॉल मैच में जमुई की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत का परचम लहराया है।
घोरिकवा के मैदान पर जमुई और मुंगेर की महिला टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। पूरे मैच के दौरान दर्शकों का उत्साह चरम पर था। निर्धारित समय तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं, जिसके बाद फैसले के लिए टाईब्रेकर का सहारा लिया गया। टाईब्रेकर में जमुई की टीम ने मुंगेर को 1-0 से मात देकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस ऐतिहासिक मुकाबले का गवाह बनने के लिए मैदान में करीब 20 से 25 हजार दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
इस खेल आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी परवेज सेठ अंसारी और ‘शहीद वीर अब्दुल हमीद ट्रस्ट’ के फाउंडर चेयरमैन जेड. अली भुट्टो मौजूद रहे। अतिथियों ने दोनों टीमों के मैनेजर और कोच नितीश कुमार व अरशद हुसैन को सम्मानित किया।
मैच के बाद विजेताओं को चमचमाती ट्रॉफी और उपहार सौंपे गए। साथ ही खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए समाजसेवी परवेज सेठ अंसारी ने दोनों टीमों को 3-3 हजार रुपये की नगद प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया।
“इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सही मंच देना है।”
“ऐसे खेल आयोजनों से न सिर्फ प्रतिभाएं निखरती हैं, बल्कि समाज में प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश भी जाता है।”
आपको बता दें कि घोरिकवा में इस सफल आयोजन के पीछे कमाल मुखिया, सरताज आलम, इरशाद आलम और चांद आलम समेत स्थानीय ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा। परवेज सेठ अंसारी लगातार इलाके में गरीब बच्चियों की शादी, शिक्षा, खेल और सामाजिक कार्यों में अपना योगदान दे रहे हैं। वहीं, शहीद वीर अब्दुल हमीद ट्रस्ट भी महिलाओं के स्वावलंबन के लिए 30 से अधिक सिलाई केंद्र और स्वास्थ्य-शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है।
ग्रामीणों और महिला खिलाड़ियों ने इस बेहतरीन पहल के लिए आयोजकों और समाजसेवी परवेज सेठ का दिल से आभार व्यक्त किया है।








