प्रकृति का कहर: तेजापुर में 15 फीट धंसी जमीन, ट्यूबवेल समेत बाइक और खाद जमींदोज
अतरौलिया (आजमगढ़)। क्षेत्र के तेजापुर गांव में अचानक हुए भीषण भू-धंसाव से हड़कंप मच गया। किसान सुदामा यादव के ट्यूबवेल परिसर में अचानक जमीन धंसने से करीब 15 फीट गहरा गड्ढा बन गया। देखते ही देखते ट्यूबवेल का कमरा, उसमें खड़ी बाइक, दो साइकिलें, चार बोरी रासायनिक खाद, अनाज, इलेक्ट्रिक मोटर, पंखा समेत अन्य सामान जमीन के भीतर समा गया। घटना में किसान को करीब सवा से डेढ़ लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।

पीड़ित किसान सुदामा यादव ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2000 में ट्यूबवेल की बोरिंग कराई थी। बोरिंग को सुरक्षित रखने के लिए उसके ऊपर कमरा भी बनवाया गया था। बरसात के दौरान पिछले कुछ समय से बोरिंग के पाइप के आसपास नीचे की ओर पानी का हल्का रिसाव हो रहा था।
उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन दोपहर करीब 12 बजे तक ट्यूबवेल सामान्य रूप से चलाकर हौज भरा गया था। इसके बाद करीब 2 से 3 बजे के बीच वह मवेशियों को पानी पिलाने के लिए दोबारा ट्यूबवेल चलाने पहुंचे। वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। ट्यूबवेल परिसर की पूरी जमीन धंस चुकी थी और बोरिंग समेत पूरा ढांचा गहरे गड्ढे में समा चुका था।

सुदामा यादव के पुत्र शुभम यादव ने बताया कि घटना के समय घर पर केवल उनके माता-पिता मौजूद थे। अचानक जमीन धंसने से कमरे में रखी बाइक, दो साइकिलें, खेत के लिए लाई गई चार बोरी खाद, अनाज, पंखा और अन्य इलेक्ट्रिक सामान भी मलबे और पानी के बीच जमींदोज हो गए। गड्ढा इतना गहरा था कि बाइक का केवल कुछ हिस्सा ही ऊपर दिखाई दे रहा था, जबकि अधिकांश सामान कई फीट नीचे दब गया।
भू-धंसाव की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की खबर आसपास के क्षेत्र में तेजी से फैलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और गहरे गड्ढे को देखकर हैरान रह गए।
पीड़ित परिवार के अनुसार, घटना में करीब सवा से डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। परिवार ने घटना की जानकारी ग्राम प्रधान को दी है। वहीं ग्रामीणों और पीड़ित किसान ने तहसील प्रशासन एवं राजस्व विभाग से मौके का निरीक्षण कर भू-धंसाव के कारणों की जांच कराने तथा उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाने की मांग की है।








