best news portal development company in india

बाढ़ औऱ कटाव की दोहरी मार झेल रहा मधुबनी प्रखंड का चिउरही औऱ सिसई पंचायत बुरी तरह प्रभावित

SHARE:

बाढ़ औऱ कटाव की दोहरी मार झेल रहा मधुबनी प्रखंड का चिउरही औऱ सिसई पंचायत बुरी तरह प्रभावित

लोकेशन पश्चिम चंपारण रिपोर्ट मोहम्मद इम्तियाज।

बड़ी ख़बर बगहा से है जहाँ गंडक नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव के बीच दियारा के निचले इलाकों में ग्रामीणों की परेशानी थमने का नाम नहीं लें रहा है महीने भर में बाढ़ औऱ कटाव की दोहरी मार झेल रहा मधुबनी प्रखंड का चिउरही औऱ सिसई पंचायत बुरी तरह प्रभावित है लिहाजा स्थानीय मुखिया विजय यादव औऱ ग्रामीणों के साथ एमएलसी सौरभ कुमार नें इलाके का निरिक्षण क़र सरकार औऱ ज़िला प्रशासन से राहत बचाव की तत्काल मांग किया है। इधर इंडो नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर गंडक बराज़ से शुक्रवार को 1. 26 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया। दरअसल गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही मधुबनी प्रखंड के चिऊरही पंचायत अंतर्गत रेवहिया गांव में एक बार फिर बाढ़ का पानी फैलने लगा है।

गांव के करीब दर्जन भर घरों में पानी प्रवेश कर जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हालांकि प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित रहने और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है लेकिन मुक़म्मल मदद का लोगों को अभी भी इंतज़ार है। वहीं, गंडक नदी का कटाव भी लगातार जारी है। स्थानीय मुखिया विजय यादव ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण रेवहिया गांव में पानी प्रवेश कर गया। उन्होंने कहा है कि नदी हर दिन करीब पांच से छह एकड़ जमीन को अपने आगोश में ले रही है। इसके बावजूद कटावरोधी कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है की सूचना पर एमएलसी सौरभ कुमार ने मधुबनी प्रखंड के चिऊरही पंचायत के कटाव प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से स्थिति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर कटाव की समस्या का जल्द समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं । एमएलसी ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्र में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है ताकि आपदा की इस घड़ी में ग्रामीणों को राहत मिल सके और कटाव से हो रहे नुकसान को रोका जा सके ।

बता दें की महज़ एक महीने में दूसरी बार बाढ़ औऱ लगातार हो रहीं कटाव से लोग अपने घर खालीं क़र अपने आशियाना तोड़कर विस्थापित होने को मजबूर हैं लेकिन आरोप है की जल संसाधन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दें रहा है तभी तों दियारा में तबाही मची है औऱ यहीं वज़ह है की निचले इलाकों में ग्रामीण दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। 

Leave a Comment

Pelli Poola Jada
best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई