EOW जांच में सामने आया मदरसा अनुदान फर्जीवाड़ा, प्रबंधक अंसार अहमद गिरफ्तार
रौनापार/आजमगढ़। फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी अनुदान हासिल करने और शासकीय धनराशि के कथित गबन के मामले में रौनापार पुलिस ने मदरसा प्रबंधक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से इस मामले में वांछित था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया।
मामला मदरसा दर्सगाह अरबियां निस्वां, चांदपट्टी से जुड़ा है। EOW मुख्यालय लखनऊ के निरीक्षक कुंवर ब्रह्म प्रकाश सिंह की शिकायत के आधार पर आरोप लगाया गया था कि मदरसा प्रबंधक अंसार अहमद ने कथित रूप से आपराधिक षड्यंत्र के तहत धोखाधड़ी की और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उन्हें वास्तविक दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया। इन्हीं दस्तावेजों के माध्यम से सरकारी अनुदान प्राप्त कर धनराशि के गबन का आरोप है।
शिकायत के आधार पर रौनापार थाने में 7 फरवरी 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468 और 471 के तहत कार्रवाई की गई थी।
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत रविवार को उपनिरीक्षक मानचन्द्र यादव ने कार्रवाई की। पुलिस टीम ने 55 वर्षीय अंसार अहमद पुत्र अली औसत, निवासी ग्राम चांदपट्टी को उसके घर से सुबह करीब 11:50 बजे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस के मुताबिक, अंसार अहमद के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम से संबंधित मामले समेत कुल दो मुकदमे दर्ज हैं।








