नेपाल में तबाही के 12 दिन बाद भी 5500 लोग लापता, 1356 मौतों की पुष्टि; सुरंगों में फंसे लोगों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
नई दिल्ली। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के 12 दिन बाद भी करीब 5500 लोग लापता हैं। हर गुजरते दिन के साथ लापता लोगों के जीवित मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ती जा रही है। आपदा में अब तक 1356 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती हाइड्रोपावर परियोजनाओं की भूमिगत सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालना बनी हुई है।
9 जिलों में सुरंगों में 121 लोगों के फंसे होने की आशंका
जानकारी के मुताबिक, नेपाल के 9 जिलों में फ्लैश फ्लड के कारण हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में करीब 121 लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका है। रसुवा जिले की चिलिमे हाइड्रोपावर परियोजना में कई कर्मचारी लापता बताए जा रहे हैं। सांसद श्री राम नेउपाने के मुताबिक, इनमें से चार लोगों के जीवित होने की उम्मीद है।
सुरंगों में हवा के लिए छोटे वेंटिलेशन सिस्टम, आराम करने के कमरे और कुछ स्थानों पर रसोई की भी व्यवस्था होती है। इसी वजह से बचाव दल अभी भी सुरंगों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की उम्मीद नहीं छोड़ रहा है।
भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई विशेषज्ञ भी रेस्क्यू अभियान में जुटे
कर्मचारियों को सुरंगों से बाहर निकालने के अभियान में भारतीय सुरंग विशेषज्ञों की टीम भी जुटी हुई है। ऑस्ट्रेलियाई सुरंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स भी बचाव अभियान में मदद कर रहे हैं। डिक्स ने वर्ष 2023 में उत्तराखंड की सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
पृथ्वी हाईवे को बहाल करने की कोशिश
इस बीच धादिंग जिले में बाढ़ से क्षतिग्रस्त पृथ्वी हाईवे के हिस्से को बहाल करने के लिए 252 मीटर लंबा अस्थायी ट्रैक तैयार किया गया है। यह मार्ग नेपाल की राजधानी काठमांडू को पश्चिमी नेपाल से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है।
आपदा में मारे गए लोगों के सम्मान में 13 दिन का शोक
नेपाल में आपदा में मारे गए लोगों के सम्मान में सोमवार को 13 दिन का शोक मनाया गया। हिंदू परंपरा में मृत्यु के बाद 13वें दिन को शोक अवधि का अंतिम दिन माना जाता है। इस दौरान नेपाल और विदेशों में स्थित नेपाली दूतावासों में भी शोक मनाया गया और राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने की अपील की है। इसमें बड़े ड्रोन, बेली ब्रिज, डीएनए जांच किट, सुरंग बचाव सूट और महामारी से बचाव के उपकरण शामिल हैं।
फिलहाल करीब 3500 प्रभावित लोगों को रसुवा, नुवाकोट और धादिंग के विभिन्न आश्रय केंद्रों में रखा गया है। राहत और बचाव एजेंसियां लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में जरूरी सुविधाएं बहाल करने में जुटी हैं।








