नन्हे बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने जीता दादा-दादी एवं नाना-नानी का दिल
आजमगढ़। जयपुरिया स्कूल आजमगढ़ में दादा-दादी दिवस हर्षोल्लास, उत्साह और भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया

कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों की आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों और ‘दादा-दादी हमारे’ जैसे गीतों से हुई। बच्चों की मासूम अदाओं, मधुर गीतों और मनमोहक नृत्य को देखकर दादा-दादी एवं नाना-नानी भाव-विभोर हो उठे। उनके चेहरों पर खुशी और गर्व की झलक दिखाई दी।
कार्यक्रम को मनोरंजक बनाने के लिए दादा-दादी एवं नाना-नानी के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। दादियों ने पोस्टर पर बिंदी लगाने और दादाओं ने पोस्टर पर बने चेहरे पर मूंछ लगाने के खेल में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इसके अलावा संगीतमय कुर्सी प्रतियोगिता में भी बुजुर्गों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। खेलों के दौरान बच्चों और उनके परिजनों ने खूब आनंद लिया।
प्रधानाचार्या अमृता ने प्री-प्राइमरी शिक्षिकाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की प्रत्येक प्रस्तुति में शिक्षकों की मेहनत, समर्पण और स्नेह स्पष्ट दिखाई देता है। ऐसे आयोजन बच्चों को दादा-दादी एवं नाना-नानी के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने तथा पारिवारिक रिश्तों के महत्व को समझने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में संस्कार, आत्मविश्वास और रिश्तों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में खुशबू मिश्रा, जिगीशा, अर्पिता, प्रिया, संगीता और प्रियंका सहित प्री-प्राइमरी की सभी शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा। शिक्षिकाओं ने बच्चों को तैयार करने से लेकर कार्यक्रम के संचालन तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दादा-दादी एवं नाना-नानी ने बच्चों की प्रस्तुतियों और खेल गतिविधियों का आनंद लिया तथा आयोजन के लिए विद्यालय परिवार के प्रति आभार जताया। नन्हे कदमों की प्रस्तुतियों, बुजुर्गों की खिलखिलाती मुस्कान और पारिवारिक रिश्तों की गर्माहट ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।








