आजमगढ़: अहरौला हत्याकांड में मृतक पुरोहित महेंद्र पाठक के बेटे ने बयां किया दर्द, कहा- अब रोजी-रोटी का संकट
आजमगढ़ के अहरौला क्षेत्र के शंभूपुर गांव में हुई गोलीकांड की घटना के बाद मृतक पुरोहित महेंद्र पाठक का परिवार पूरी तरह टूट गया है। महेंद्र पाठक आरोपी अरविंद सिंह के पुरोहित बताए जा रहे हैं। घटना में उनकी भी गोली लगने से मौत हो गई महेंद्र पाठक के इकलौते बेटे चंदन पाठक का रो-रोकर बुरा हाल है। चंदन बेंगलुरु में ड्राइवरी का काम करता है और परिवार के खर्च में पिता का हाथ बंटाता था। घटना की जानकारी मिलने के बाद वह बेंगलुरु से घर पहुंचा।
चंदन ने भावुक होकर बताया, “मैं बेंगलुरु में गाड़ी चलाता हूं। चाचा की लड़की ने फोन कर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मैं भागता हुआ घर आया। घर में कमाने वाले सिर्फ पिताजी थे। अब वो भी चले गए।”
चंदन ने आगे कहा, आप हमारा घर देख लीजिए। हमारे पास इतना पैसा नहीं है कि हम अपना घर भी बनवा सकें। अब तो रोजी-रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है।”
महेंद्र पाठक की दो बेटियां भी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी अब उनके इकलौते बेटे चंदन के कंधों पर आ गई है।
घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है। परिवार का कहना है कि महेंद्र पाठक का इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं था और वह धार्मिक अनुष्ठान के लिए वहां मौजूद थे। घटना में उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।








