कंप्यूटर, बिजली, फर्नीचर समेत मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं; जर्जर भवनों वाली समितियों को किया गया चिन्हित
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। जनपद की जर्जर हालत में पहुंच चुकी 15 साधन सहकारी समितियों का जल्द कायाकल्प किया जाएगा। सहकारिता विभाग ने ऐसी समितियों को चिह्नित किया है, जिनके भवन लंबे समय से मरम्मत के अभाव में खराब स्थिति में हैं। भवनों की मरम्मत के साथ समितियों में कंप्यूटर, बिजली व्यवस्था, फर्नीचर समेत अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी विभाग के अनुसार जनपद में करीब 250 साधन सहकारी समितियां संचालित हैं। इनमें कई समितियों के भवन काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं। कहीं छत और दीवारें खराब हैं तो कहीं वर्षों से मरम्मत नहीं होने के कारण भवनों की स्थिति खस्ताहाल है। कुछ समितियों में शौचालय की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में किसानों और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है विभाग ने जर्जर भवनों वाली समितियों को चिन्हित कर उनके सुदृढ़ीकरण की कवायद शुरू कर दी है। भवनों की मरम्मत के साथ आवश्यकतानुसार शौचालय का निर्माण, बिजली, फर्नीचर और कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है समितियों के भवनों की खराब स्थिति का असर खाद-बीज के सुरक्षित भंडारण पर भी पड़ रहा है। बारिश और नमी के कारण कृषि सामग्री खराब होने की आशंका बनी रहती है। इससे किसानों को मिलने वाली खाद-बीज समेत अन्य सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं। कायाकल्प के बाद समितियों में खाद और बीज के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
इन समितियों का होगा कायाकल्प
विभाग की ओर से चयनित समितियों में फूलपुर के सदरपुर बरौली स्थित साधन सहकारी समिति भी शामिल है। इसके अलावा पल्हनी, जहानागंज, सठियांव, रानी की सराय, मुहम्मदपुर, मिर्जापुर, ठेकमा और तरवां ब्लॉक की चिह्नित समितियों में भी काम कराया जाएगा सहकारिता विभाग के अधिकारियों के मुताबिक भवनों की मरम्मत और सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से समितियों का संचालन बेहतर होगा। इससे किसानों को खाद-बीज सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी आसानी होगी और समितियों में सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था मजबूत होगी।








