अमर शहीद इंटर कॉलेज में साइबर जागरूकता अभियान, छात्रों को डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए तरीके
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करने और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की दी जानकारी
आजमगढ़। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के I4C द्वारा चलाए जा रहे नेशनल साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस माह (NCSAM) के तहत मंगलवार को अमर शहीद इंटर कॉलेज, ईश्वरपुर में थाना साइबर क्राइम पुलिस की ओर से साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों, डिजिटल अरेस्ट और साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज श्रीवास्तव के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी अपराध कौस्तुभ त्रिपाठी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए सावधानी बरतने की अपील की।
डिजिटल अरेस्ट से लेकर सेक्सटॉर्शन तक बताए साइबर अपराध
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस, सीबीआई या साइबर पुलिस अधिकारी बनकर पैसे की मांग, फर्जी ऐप और लिंक के जरिए ठगी, गिफ्ट व लॉटरी स्कैम, फर्जी ट्रेडिंग एवं इन्वेस्टमेंट ग्रुप, क्रिप्टो स्कैम और ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड के बारे में बताया।
इसके अलावा फर्जी पेमेंट लिंक, OLX/KYC फ्रॉड, ऑनलाइन लोन स्कैम, म्यूल अकाउंट, फर्जी मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया फ्रॉड, हनी ट्रैपिंग, सेक्सटॉर्शन और न्यूड कॉल ब्लैकमेलिंग जैसे साइबर अपराधों से भी विद्यार्थियों को सावधान किया गया।
अनजान लिंक और ऐप से रहें सावधान
पुलिस ने विद्यार्थियों से कहा कि अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल को लेकर सतर्क रहें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी गई।
लाउडहेलर और पंपलेट के माध्यम से भी लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया गया।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो बिना समय गंवाए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके साथ ही www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ जाती है।
सेक्सटॉर्शन को लेकर भी किया जागरूक
कार्यक्रम में सेक्सटॉर्शन से बचाव को लेकर विशेष जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर पहले दोस्ती करते हैं और बाद में वीडियो कॉल के जरिए अश्लील वीडियो दिखाकर उसकी रिकॉर्डिंग कर लेते हैं। इसके बाद रिकॉर्डिंग वायरल करने की धमकी देकर पैसे की मांग की जाती है। ऐसे मामलों में किसी भी तरह का भुगतान न करने और तत्काल 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में उपनिरीक्षक शिवकुमार उपाध्याय, हेड कांस्टेबल कल्लू प्रसाद, कांस्टेबल विशाल यादव, कांस्टेबल विकास कुमार, महिला कांस्टेबल हसीना खातून एवं महिला कांस्टेबल संज्ञा देवी सहित थाना साइबर क्राइम की टीम मौजूद रही।








