26 थानों के 74 ग्राम पंचायतों, वार्डों और शिक्षण संस्थानों में आयोजित हुए 99 जागरूकता कार्यक्रम, एंटी रोमियो टीम ने 1,316 लोगों की चेकिंग की

आजमगढ़ | 18 अक्टूबर 2026।। आजमगढ़ में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन को बढ़ावा देने के लिए मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत पुलिस ने व्यापक जागरूकता अभियान चलाया।

जनपद के 26 थानों के अंतर्गत 74 ग्राम पंचायतों, वार्डों और स्कूल-कॉलेजों में कुल 99 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 2,609 महिला-पुरुष एवं छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया।

एंटी रोमियो टीम की कार्रवाई, 736 लोगों को चेतावनी
पुलिस के अनुसार, एंटी रोमियो स्क्वाड ने 72 स्थानों पर 1,316 व्यक्तियों की चेकिंग की। इनमें 736 लोगों को चेतावनी दी गई, जबकि एक व्यक्ति के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई।
इसके अलावा 371 निजी टैक्सी एवं अन्य वाहनों की जांच कर उनका सत्यापन किया गया। सार्वजनिक स्थलों पर स्टंटबाजी करने वाले 92 वाहनों का चालान भी किया गया।

महिलाओं और बालिकाओं को दी गई सुरक्षा संबंधी जानकारी
अभियान के दौरान महिला बीट पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्कूल-कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों, बाजारों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वावलम्बन तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

जागरूकता के लिए 1,466 मुद्रित सामग्री और 19 ऑनलाइन सॉफ्ट कॉपी वितरित की गईं।
हेल्पलाइन नंबरों और कानूनों के प्रति किया जागरूक

पुलिस ने महिलाओं एवं बच्चों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1090, 1098, 1076, 181, 112, 102 और 108 की जानकारी दी। साथ ही कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित POSH अधिनियम, 2013 के बारे में भी जागरूक किया गया।

अधिकारियों के निर्देशन में चला अभियान
यह अभियान अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र के निर्देशन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। अभियान में अपर पुलिस अधीक्षक यातायात एवं मिशन शक्ति के नोडल अधिकारी पंकज श्रीवास्तव तथा क्षेत्राधिकारी लालगंज आस्था जायसवाल की भूमिका रही।
आजमगढ़ पुलिस का कहना है कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है।








