गुलाब गुप्ता के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें गठित
आजमगढ़। आगामी त्योहारों के मद्देनजर अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुबारकपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कस्बे के मोहल्ला पुरारानी स्थित एक किराये के मकान से करीब 323 किलोग्राम अवैध पटाखे बरामद किए हैं। बरामद पटाखों की अनुमानित कीमत लगभग दो लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को सूचना मिली कि मोहल्ला पुरारानी में एक किराये के मकान में अवैध रूप से पटाखों का भंडारण किया गया है। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक शशीचन्द चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली। इस दौरान सहर पत्नी समीर के मकान में, जिसे गुलाब गुप्ता ने किराये पर लिया था, एक कमरे से विभिन्न कंपनियों और ब्रांडों के पटाखे बरामद हुए।

11 प्रकार के पटाखे बरामद
पुलिस ने मौके से फूलझड़ी के 1022 पैकेट, पाप-अप बम के 119 पैकेट, 18 शॉट रॉकेट का एक पैकेट, मिर्ची बम के 445 पैकेट, इलेक्ट्रिक क्रैकर के 150 पैकेट, प्राइम क्रैकर्स के 17 पैकेट, रॉकेट के 12 पैकेट, चकरी के 150 पैकेट, मिनी बुलेट बम के 265 पैकेट, मैच बॉक्स के 149 पैकेट और अनार के 150 पैकेट बरामद किए हैं।
विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
इस मामले में थाना मुबारकपुर में मु0अ0सं0 381/2026 के तहत धारा 5/9बी विस्फोटक अधिनियम में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपी गुलाब गुप्ता पुत्र स्वर्गीय कन्हैया गुप्ता, निवासी पुरारानी, थाना मुबारकपुर, जनपद आजमगढ़ के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमों का गठन किया गया है।
इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
बरामदगी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक शशीचन्द चौधरी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रदीप मिश्रा, उपनिरीक्षक आशुतोष मौर्या और उपनिरीक्षक प्रदीप वाजपेयी मय हमराह पुलिस बल शामिल रहे।
गिरफ्तारी के लिए गठित पहली टीम में उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शर्मा, हेड कांस्टेबल भानु पाण्डेय, कांस्टेबल मुकुन्द लाल मिश्रा और कांस्टेबल छोटेलाल गोड़ शामिल हैं। दूसरी टीम में उपनिरीक्षक प्रदीप वाजपेयी, हेड कांस्टेबल पवन सिंह, कांस्टेबल हरेन्द्र सिंह और कांस्टेबल सुजीत यादव को शामिल किया गया है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर ईश्वर लाल गुर्जर के पर्यवेक्षण में की गई।








