सुविवि में वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर अमेरिका-इजरायल और ईरान से जुड़े तनाव जैसे मुद्दों पर चर्चा….
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय (सुविवि) परिसर में भारत की विदेश नीति के विकास एवं चुनौतियों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन 7 और 8 अप्रैल को किया जाएगा। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के न्यू सेमिनार हॉल में राजनीतिक विज्ञान विभाग एवं भारतीय राजनीतिक विज्ञान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा।
👉 सेमिनार की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संजीव कुमार करेंगे। आयोजन ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसमें देशभर के शिक्षाविद और विशेषज्ञ भाग लेकर छात्र-छात्राओं को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की विदेश नीति की समझ विकसित करेंगे। साथ ही वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर अमेरिका-इजरायल और ईरान से जुड़े तनाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा कर चुनौतियों से निपटने के उपाय सुझाए जाएंगे।
👉 विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी प्रवेश कुमार के अनुसार, इस सेमिनार में राष्ट्रीय स्तर के कई प्रतिष्ठित शिक्षाविद शामिल होंगे। इनमें राजीव गांधी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, पटियाला के कुलपति प्रो. जयशंकर सिंह, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के पूर्व कुलपति प्रो. श्री प्रकाश मणि त्रिपाठी, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडे सहित अन्य विद्वान अपने विचार रखेंगे।
👉 इसके अतिरिक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के सलाहकार डॉ. ए.एन. राय, भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन संतोष कुमार त्रिपाठी, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. तेज प्रताप सिंह, गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. विनोद कुमार सिंह, बसंत कन्या महाविद्यालय की प्रो. रचना श्रीवास्तव सहित कई शिक्षाविद और विशेषज्ञ कार्यक्रम में व्याख्यान देंगे।
👉 कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के प्राध्यापकों, शोधार्थियों और छात्र-छात्राओं से अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की है। उन्होंने आयोजन-समिति एवं प्रशासनिक अधिकारियों को बाहर से आने वाले अतिथियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए हैं।आयोजन-समिति के सदस्य, जिनमें सूर्य प्रकाश अग्रहरि, डॉ. दीक्षा उपाध्याय, शुभम राय और त्रिशिका श्रीवास्तव शामिल हैं, कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। समिति ने सभी इच्छुक प्रतिभागियों से सेमिनार में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।









