चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े विवाद के बीच ट्रस्ट ने आंतरिक व्यवस्थाओं की समीक्षा तेज की, बैंकिंग व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली पर भी मंथन।
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हाल के घटनाक्रमों के बीच वीआईपी दर्शन पास जारी करने की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव से संबंधित वीआईपी पास जारी करने वाली आईडी फिलहाल निष्क्रिय कर दी गई हैं। इसके चलते अब इन आईडी के माध्यम से दर्शन पास जारी नहीं किए जा रहे हैं।
बुधवार सुबह ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व महासचिव चंपत राय से लंबी चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक बैठक में ट्रस्ट की वर्तमान व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बताया जा रहा है कि बैठक में उस पत्र को लेकर भी चर्चा हुई, जिसे चंपत राय ने जांच एजेंसी (एसआईटी) को भेजा है। हालांकि बैठक के बाद किसी भी पदाधिकारी ने आधिकारिक रूप से बातचीत का विवरण साझा नहीं किया।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष जोर
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट का प्रयास है कि मौजूदा परिस्थितियों का असर श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था पर न पड़े। इसी उद्देश्य से दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया, मंदिर की आंतरिक व्यवस्था और अन्य प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
बैंकिंग व्यवस्था की भी हुई समीक्षा
चंपत राय से मुलाकात के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने बैंक अधिकारियों के साथ भी बैठक की। बताया गया कि ट्रस्ट का भरोसा अभी भी भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) पर कायम है और फिलहाल बैंक बदलने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि, चढ़ावे की गणना और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी एवं मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा प्रबंधन में सामने आई कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जांच के आधार पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट या संबंधित एजेंसियों की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बैठक में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
जब गोविंद देवगिरी और चंपत राय के बीच बैठक चल रही थी, उस दौरान विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग बागड़ा, गोपाल राव तथा ट्रस्ट के पूर्व महासचिव कृष्ण मोहन भी तीर्थ क्षेत्र भवन में मौजूद थे।
फिलहाल ट्रस्ट की ओर से व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने और श्रद्धालुओं को निर्बाध दर्शन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जबकि पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।








