रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने किया मंजूर
नई दिल्ली। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री एवं राज्यसभा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, रवनीत सिंह बिट्टू अब पंजाब की राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, उनके इस्तीफे के कारणों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफे से पहले केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन भी अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। लगातार दो केंद्रीय मंत्रियों के इस्तीफों ने राजनीतिक हलकों में संभावित संगठनात्मक और राजनीतिक बदलावों को लेकर अटकलों को तेज कर दिया है।
भारतीय राजनीति में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की परंपरा का उल्लेख भी इस संदर्भ में किया जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने वर्ष 1956 में रेल दुर्घटना के बाद रेल मंत्री के रूप में नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा दिया था। वहीं नीतीश कुमार ने भी 1999 में गैसाल रेल दुर्घटना के बाद रेल मंत्री पद से त्यागपत्र दिया था।
हालांकि, रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफे को किसी रेल दुर्घटना या नैतिक जिम्मेदारी से जोड़कर केंद्र सरकार ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक बदलावों का हिस्सा हो सकता है।








