दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया की समय-सारिणी जारी, 15 सितंबर से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन
आजमगढ़, 24 जुलाई 2026। शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए दशमोत्तर छात्रवृत्ति (कक्षा 12 से उच्चतर) एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन से लेकर छात्रवृत्ति वितरण तक की विस्तृत समय-सारिणी जारी कर दी गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शिक्षण संस्थानों द्वारा मास्टर डाटा तैयार करने का कार्य 22 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। विश्वविद्यालय एवं एफिलिएटिंग एजेंसियां 23 जुलाई से 30 अगस्त तक फीस आदि का सत्यापन करेंगी, जबकि मास्टर डाटा का सत्यापन 25 जुलाई से 14 सितंबर तक होगा। एनएसपी पोर्टल पर पंजीकृत निजी शिक्षण संस्थानों की मार्किंग भी इसी अवधि में की जाएगी।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति के नवीनीकरण के लिए पात्र छात्र-छात्राएं 15 सितंबर से 15 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। शिक्षण संस्थान 15 सितंबर से 25 अक्टूबर तक आवेदन पत्रों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, सत्यापन एवं अग्रसारण करेंगे। इसके बाद विश्वविद्यालय, एफिलिएटिंग एजेंसियां तथा एनआईसी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं नवीन छात्र-छात्राओं के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। छात्र 16 सितंबर से 2 नवंबर तक आवेदन का फाइनल प्रिंट निकाल सकेंगे तथा 16 सितंबर से 4 नवंबर तक आवश्यक अभिलेखों सहित आवेदन की हार्ड कॉपी संबंधित शिक्षण संस्थान में जमा करनी होगी। शिक्षण संस्थान 16 सितंबर से 10 नवंबर तक आवेदन पत्रों का सत्यापन एवं अग्रसारण करेंगे। इसके बाद विश्वविद्यालय, एफिलिएटिंग एजेंसियां, एनआईसी तथा जनपदीय छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति द्वारा जांच एवं अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी कर पात्र छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति की धनराशि भेजी जाएगी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने सभी शिक्षण संस्थानों और पात्र छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे शासन द्वारा निर्धारित समय-सारिणी का पालन करते हुए सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी करें, ताकि छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ बिना किसी विलंब के प्राप्त हो सके।







