छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं के प्रभावी संचालन को लेकर कार्यशाला, लापरवाही पर होगी जवाबदेही
आजमगढ़, 25 जुलाई 2026। वित्तीय वर्ष 2026-27 की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं के समयबद्ध एवं पारदर्शी क्रियान्वयन को लेकर शनिवार को शिब्ली नेशनल इंटर कॉलेज में कक्षा 9-10 एवं 11-12 के सभी शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्यों और छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कोई भी पात्र छात्र-छात्रा छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों एवं नोडल अधिकारियों को आवेदन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराने तथा अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों के आवेदन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि पूर्वदशम (कक्षा 9-10) तथा दशमोत्तर (कक्षा 11-12) छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं के तहत उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र छात्र-छात्राओं को शासन द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार छात्रवृत्ति, शैक्षणिक भत्ता और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जाएगा।
जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायन सिंह ने बताया कि 23 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक सभी विद्यालयों को छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपनी प्रोफाइल लॉक/अपडेट करना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र विद्यार्थियों के आवेदन समय से भरवाकर उनका सत्यापन भी निर्धारित अवधि में पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि या देरी के लिए संबंधित शिक्षण संस्था एवं नोडल अधिकारी उत्तरदायी होंगे।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने सभी विद्यालयों से छात्रवृत्ति योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा आवेदन पत्रों एवं अभिलेखों का सावधानीपूर्वक परीक्षण कर शत-प्रतिशत पात्र छात्रों को योजना का लाभ दिलाने की अपील की।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल ने कहा कि जिन छात्रों द्वारा आवेदन की हार्ड कॉपी निर्धारित समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाएगी, उनके आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में संस्था स्तर पर आवेदन लंबित न रखे जाएं।
कार्यशाला में जनपद के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य, छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








