भीषण बाढ़ के बीच भी कैसे बचा रहा ‘हरा घर’? जानिए मजबूत निर्माण का राज
नई दिल्ली/नेपाल: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। कई घर, दुकानें और गाड़ियां पानी के तेज बहाव में बह गईं, लेकिन इस विनाशकारी मंजर के बीच एक हरा रंग का मकान अपनी जगह मजबूती से खड़ा रहा। बाढ़ के बाद इस घर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
तस्वीरों को देखकर लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर चारों ओर तबाही के बावजूद यह मकान कैसे सुरक्षित बच गया।
जानकारों के अनुसार, इस मकान की मजबूती के पीछे इसकी विशेष निर्माण तकनीक अहम कारण हो सकती है। बताया जा रहा है कि हिमालयी क्षेत्रों में पारंपरिक पत्थर की मेसोनरी से बने घरों की तुलना में इस भवन में रिइन्फोर्स्ड कंक्रीट फ्रेम और मजबूत संरचनात्मक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सामान्य पत्थर की चिनाई में पत्थरों को आपस में जोड़ने के लिए केवल गारा, चूना या सीमेंट का प्रयोग किया जाता है और मजबूती बढ़ाने के लिए सरिया जैसी सामग्री का उपयोग सीमित होता है। वहीं, रिइन्फोर्स्ड कंक्रीट फ्रेम संरचना में कंक्रीट के साथ स्टील का इस्तेमाल किया जाता है।
कंक्रीट भारी दबाव को सहने में सक्षम होता है, जबकि स्टील खिंचाव के बल को झेलता है। दोनों के इस मजबूत संयोजन से भवन की संरचना अधिक टिकाऊ बनती है। माना जा रहा है कि इसी मजबूत निर्माण तकनीक और संरचनात्मक मजबूती के कारण भीषण बाढ़ के बीच भी यह ‘हरा घर’ सुरक्षित खड़ा रह सका।
बाढ़ की तबाही के बीच मजबूती से खड़े इस मकान ने एक बार फिर सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से भवन निर्माण की अहमियत को उजागर कर दिया है।








