डिजिटल अरेस्ट से सेक्सटॉर्शन तक, छात्राओं को साइबर ठगी से बचाव के तरीके बताए
आजमगढ़। नेशनल साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस माह (NCSAM) के तहत 8 अक्टूबर को श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय, आजमगढ़ में साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने छात्राओं को डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी लिंक, निवेश एवं क्रिप्टो स्कैम, सेक्सटॉर्शन समेत विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए।
यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी अपराध कौस्तुभ त्रिपाठी के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
पुलिस टीम ने छात्राओं को बताया कि साइबर अपराधी फर्जी पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर पैसे की मांग कर सकते हैं। इसके अलावा संदिग्ध लिंक, फर्जी ऐप, गिफ्ट-लॉटरी, फर्जी कस्टमर सपोर्ट, फिशिंग मैसेज, फर्जी KYC और सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता है।

अभियान के दौरान X, फेसबुक और इंस्टाग्राम समेत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होने वाले फर्जी गिवअवे, निवेश एवं क्रिप्टोकरेंसी स्कैम से भी सावधान रहने की अपील की गई। छात्राओं को किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंकिंग डिटेल या निजी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
पुलिस ने सेक्सटॉर्शन के प्रति भी छात्राओं को जागरूक किया। बताया गया कि साइबर अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाकर दोस्ती करने और वीडियो कॉल के जरिए स्क्रीन रिकॉर्डिंग करने के बाद ब्लैकमेल कर पैसे की मांग कर सकते हैं। ऐसे मामलों में अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने और संदिग्ध वीडियो कॉल से बचने की सलाह दी गई।
पुलिस टीम ने साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी।
अभियान में उपनिरीक्षक शिवकुमार उपाध्याय, हेड कांस्टेबल कल्लू प्रसाद, कांस्टेबल सभाजीत मौर्य, विकास कुमार, महिला कांस्टेबल हसीना खातून और प्रियंका गौड़ मौजूद रहीं।








