गाजीपुर में साइबर क्राइम थाना पुलिस और सर्विलांस टीम की कार्रवाई, 20 लाख रुपये की ठगी का खुलासा
गाजीपुर। विदेश में आकर्षक नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं और जरूरतमंद लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का साइबर क्राइम थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 3.54 लाख रुपये नकद, करीब 20 लाख रुपये कीमत की दो लग्जरी गाड़ियां, 10 मोबाइल फोन, 23 सिम कार्ड, 13 एटीएम कार्ड, लैपटॉप, कंप्यूटर और कलर प्रिंटर बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच के अनुसार, गिरोह पिछले करीब दो वर्षों से सक्रिय था और अब तक लगभग 20 लाख रुपये की ठगी कर चुका था। गिरोह का मुख्य सरगना गाजीपुर के बाराचवर क्षेत्र का निवासी सोहन राम बताया गया है। उसके बेटे सूर्य प्रकाश अरोड़ा और सहयोगी रजदेपुर, शहर कोतवाली निवासी फैजल खान उर्फ सन्नी को भी गिरफ्तार किया गया है।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
जांच में सामने आया कि गिरोह इंटरनेट मीडिया पर विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने के फर्जी विज्ञापन डालता था। इसके बाद मुंबई और दिल्ली में रहने वाले रिक्शा चालकों, मजदूरों तथा अन्य जरूरतमंद लोगों को प्रतिमाह 1,000 से 1,500 रुपये का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। उनसे सिम कार्ड और क्यूआर कोड भी हासिल किए जाते थे।
गिरोह के सदस्य संपर्क करने वाले युवाओं से पहले कॉल सेंटर की युवतियों के माध्यम से बातचीत करवाते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन के नाम पर पांच हजार रुपये लिए जाते थे। पासपोर्ट और बायोडाटा लेने के बाद कूटरचित जॉब ऑफर लेटर भेजा जाता था। भरोसा बढ़ाने के लिए डमी फ्लाइट टिकट बुक कराई जाती थी। बाद में वीजा, टिकट और अन्य शुल्कों के नाम पर लाखों रुपये बैंक खातों में जमा कराए जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम को एटीएम और क्यूआर कोड के माध्यम से निकाला जाता था। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जांच की जा रही है।








