2,010 महिलाओं समेत 2,550 लोगों को किया गया जागरूक, 455 लोगों को चेतावनी; स्टंटबाजी करने वाले 47 वाहनों का चालान
आजमगढ़। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए आजमगढ़ पुलिस ने मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत व्यापक अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार, जनपद के सभी 26 थानों की महिला बीट पुलिस ने स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों और बाजारों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। अभियान के दौरान एंटी रोमियो स्क्वाड ने भी विभिन्न स्थानों पर चेकिंग की।

65 ग्राम पंचायतों में आयोजित हुए 94 कार्यक्रम
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, जनपद की 65 ग्राम पंचायतों में कुल 94 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 2,010 महिलाओं सहित कुल 2,550 लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी हेल्पलाइन नंबरों, सरकारी योजनाओं तथा उनके अधिकारों की जानकारी दी गई।
1,106 लोगों की चेकिंग, 455 को चेतावनी
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एंटी रोमियो स्क्वाड ने 57 स्थानों पर अभियान चलाकर 1,106 लोगों की चेकिंग की। पुलिस के अनुसार, दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई, जबकि 455 लोगों को चेतावनी देकर छोड़ा गया।
स्टंटबाजी करने वाले 47 वाहनों का चालान
अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने और स्टंटबाजी करने वाले वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने 47 वाहनों का चालान किया। इसके अतिरिक्त 504 निजी टैक्सी और अन्य वाहनों का सत्यापन किया गया। जागरूकता अभियान के दौरान लोगों के बीच 1,912 पर्चे भी वितरित किए गए।
महिलाओं को हेल्पलाइन और सरकारी योजनाओं की जानकारी
जागरूकता कार्यक्रमों में महिलाओं और बालिकाओं को महिला हेल्पलाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला सहायता हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112 सहित विभिन्न सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। पुलिस ने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी परेशानी की स्थिति में संबंधित हेल्पलाइन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
एसएसपी के निर्देशन में चला अभियान
यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व और क्षेत्राधिकारी लालगंज आस्था जायसवाल के पर्यवेक्षण में चलाया गया।
आजमगढ़ पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक करना है।








