रौनापार पुलिस ने करखिया मोड़ से आरोपी को दबोचा, विवेचना के दौरान प्रकाश में आया था नाम
आजमगढ़। जनपद के थाना रौनापार पुलिस ने किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में विवेचना के दौरान प्रकाश में आए आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को करखिया मोड़ से गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, थाना रौनापार क्षेत्र की एक महिला ने लिखित प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनकी नाबालिग पुत्री 1 सितंबर 2026 को सुबह करीब 7 बजे साइकिल से स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। नात-रिश्तेदारों के यहां तलाश करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। इस संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना रौनापार में मुकदमा अपराध संख्या 250/2026 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में अज्ञात के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था।
विवेचना के दौरान किशोरी की बरामदगी तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 180 एवं 183 के अंतर्गत दर्ज बयानों के आधार पर राजकुमार उर्फ राजू पुत्र श्यामाचरन निवासी ग्राम सिरसा, थाना अमरिया, जनपद पीलीभीत का नाम प्रकाश में आया। इसके बाद मुकदमे में धारा 87 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई।
करखिया मोड़ से हुई गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के आदेश के अनुपालन में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी सगड़ी के नेतृत्व तथा थानाध्यक्ष रौनापार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के क्रम में 29 अक्टूबर 2026 को उपनिरीक्षक सुमित सिंह पुलिस टीम के साथ आरोपी की तलाश में थे। इसी दौरान पुलिस ने मुकदमे में प्रकाश में आए अभियुक्त राजकुमार उर्फ राजू पुत्र श्यामाचरन, उम्र करीब 27 वर्ष, निवासी ग्राम सिरसा, थाना अमरिया, जनपद पीलीभीत को करखिया मोड़ से सुबह करीब 9:40 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सूचना अभियुक्त के परिजनों को दूरभाष के माध्यम से दी गई।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सुमित सिंह, कांस्टेबल जयप्रकाश वर्मा एवं कांस्टेबल मंटू यादव थाना रौनापार शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।








