शीतला अष्टमी पर उमड़ी भारी भीड़, अव्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की कमी बनी हादसे की वजह……
नालंदा (बिहार), मंगलवार: बिहार के नालंदा जिले में मंगलवार सुबह शीतला अष्टमी के अवसर पर स्थित शीतला माता मंदिर में उस समय बड़ा हादसा हो गया, जब दर्शन के दौरान अचानक भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक घटना में 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें 8 महिलाएं शामिल हैं, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है, यह घटना नालंदा के बिहारशरीफ से करीब 5 किलोमीटर दूर मघड़ा गांव स्थित मंदिर परिसर में सुबह लगभग 9 बजे हुई। चैत्र माह के अंतिम मंगलवार को शीतला अष्टमी के अवसर पर यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी मंदिर परिसर और आसपास लगे मेले में भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।

👉 कैसे हुआ हादसा- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था नहीं थी। मंदिर का गर्भगृह छोटा होने के कारण श्रद्धालु जल्द दर्शन करने की होड़ में एक-दूसरे को धक्का देने लगे, जिससे अफरातफरी मच गई। इसी दौरान कुछ लोग गिर पड़े और उनके ऊपर कई लोग चढ़ गए, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई।
👉 एक घायल श्रद्धालु ने बताया कि उसके ऊपर 20-25 लोग गिर पड़े थे। वहीं, करीब 50 मीटर लंबी कतार को आगे बढ़ने में ढाई घंटे का समय लग रहा था, जिससे लोग अधीर हो रहे थे। आरोप यह भी है कि कुछ लोगों को पैसे लेकर जल्दी प्रवेश दिया जा रहा था, जिससे सामान्य श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ती चली गई।

👉 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल- घटना के बाद श्रद्धालुओं ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मंदिर परिसर में न तो पर्याप्त पुलिस बल तैनात था और न ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। भीड़ को अलग-अलग लाइनों में बांटने या दिशा-निर्देशन की कोई व्यवस्था नहीं थी, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, मंदिर के अंदर अत्यधिक भीड़ थी और उसी दौरान एक महिला को चक्कर आकर गिर गई। उसे संभालने के प्रयास में भीड़ और असंतुलित हो गई, जिससे भगदड़ मच गई।
#
राहत और बचाव कार्य में देरी- घटना के बाद घायल श्रद्धालु काफी देर तक मौके पर ही पड़े रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस को सूचना देने के बावजूद शुरुआती समय में केवल 2-3 पुलिसकर्मी ही पहुंचे। एंबुलेंस को कई बार फोन करने के बाद भी पहली एंबुलेंस करीब 40 मिनट बाद मौके पर पहुंची। इसके बाद घायलों को अस्पताल भेजा गया, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कई महिलाओं की हालत उठाते समय ही गंभीर लग रही थी और आशंका थी कि उनमें से कुछ की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
👉 मृतकों की पहचान और मुआवजा- हादसे में मारे गए 9 लोगों में से अब तक 2 की पहचान रीता देवी (50) और रेखा देवी (45) के रूप में हुई है, जो नालंदा की निवासी थीं। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
👉 राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 6 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है, जिसमें 2 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष और 4 लाख रुपये आपदा प्रबंधन विभाग से दिए जाएंगे। वहीं, केंद्र सरकार ने मृतकों के आश्रितों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये सहायता राशि देने का ऐलान किया है।
👉 सरकारी प्रतिक्रिया और जांच के आदेश
घटना के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही पटना के कमिश्नर को तत्काल बिहारशरीफ भेजा गया है ताकि हालात का जायजा लिया जा सके।
👉 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मृतकों को पीएम राहत कोष से दो- दो लाख की सहायता दिए जाने की घोसणा की
👉 धार्मिक महत्व के कारण उमड़ती है भीड़
शीतला अष्टमी के दिन श्रद्धालु माता शीतला की पूजा विशेष रूप से करते हैं। इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और एक दिन पहले बने ठंडे भोजन का भोग लगाया जाता है। इसी मान्यता के चलते हर वर्ष इस मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं, जिससे भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाती है।









