राहुल गांधी के आवास पर INDI गठबंधन की बैठक, गांधी स्मृति पहुंचकर सरकार पर बोला हमला
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान शिक्षा से जुड़े मुद्दों और छात्रों के सवालों को लेकर विपक्षी दलों ने गुरुवार को एकजुटता का प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नई दिल्ली स्थित आवास पर INDI गठबंधन के नेताओं और सांसदों की बैठक हुई, जिसमें संसद के भीतर और बाहर सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में आरजेडी सांसद संजय यादव, सांसद परिणीति शिंदे, शफी परम्बिल, प्रमोद तिवारी, अखिलेश प्रसाद सिंह, इमरान प्रतापगढ़ी सहित कई विपक्षी नेता और सांसद शामिल हुए। बैठक के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और INDI गठबंधन के अन्य सांसद व नेता शांतिपूर्ण मार्च करते हुए 30 जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान किसी प्रकार की नारेबाजी नहीं की गई।
गांधी स्मृति पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक संसद सुचारु रूप से नहीं चल सकेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिक्षा मंत्री को मंत्रिमंडल से हटाना चाहिए और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि विपक्ष उन छात्रों को याद करने गांधी स्मृति गया है, जिन्होंने कथित तौर पर NEET परीक्षा पेपर लीक प्रकरण के बाद अपनी जान गंवाई। उन्होंने लिखा कि विपक्ष उन छात्रों के साथ भी खड़ा है, जो न्याय और जवाबदेही की मांग करते हुए घायल हुए। राहुल गांधी ने कहा, “भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके अधिकारों और उनकी मांगों के साथ खड़ा है।”
विपक्षी दलों का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार जवाबदेही से बच रही है। वहीं, भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक करार देते हुए कहा है कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
संसद के भीतर भी शिक्षा और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। माना जा रहा है कि इन मुद्दों पर आगामी दिनों में भी संसद के दोनों सदनों में गतिरोध जारी रह सकता है।








