नीट पेपर लीक पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने, संसद में गतिरोध जारी
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े विपक्ष के कारण संसद का मानसून सत्र लगातार बाधित हो रहा है। इस बीच केंद्र सरकार ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए त्वरित न्याय के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने की घोषणा की है और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए भी अपनी सहमति जताई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि नीट पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमे चलाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा उसकी प्राथमिकता है।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार नीट पेपर लीक सहित सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जितनी देर तक चर्चा करना चाहे, सरकार उसके लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी कहा कि पिछले 24 घंटों में सरकार की ओर से कई बार बातचीत का प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार प्रदर्शनकारी पक्षों से जुड़े सभी मुद्दों पर संवाद चाहती है और इसके लिए उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है।
दूसरी ओर, कांग्रेस और INDI गठबंधन के दल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम हैं। विपक्ष का आरोप है कि नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में सरकार जवाबदेही तय करने से बच रही है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने राहुल गांधी के नेतृत्व में बैठक की और गांधी स्मृति पहुंचकर छात्रों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी किया। सरकार और विपक्ष दोनों ने बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन सकी है। ऐसे में संसद का गतिरोध कब समाप्त होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।







