यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखी महिला उद्यमियों की हुनर और परंपरा
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में महिलाओं के हाथों तैयार होने वाले पारंपरिक उत्पाद अब स्थानीय हाट-बाजारों की सीमा से निकलकर बड़े बाजारों तक पहुंच रहे हैं। ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के 75 जिलों से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमियों ने अपने उत्पादों और हुनर का प्रदर्शन किया।
ट्रेड शो में आगरा की जरी-जरदोजी, अमरोहा के मसाले, अयोध्या की हर्बल चाय, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, कन्नौज का इत्र, गोरखपुर की टेराकोटा ज्वेलरी और वाराणसी के कालीना सहित विभिन्न उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
इन स्टॉलों पर केवल उत्पादों की बिक्री ही नहीं हो रही, बल्कि उनके पीछे जुड़ी महिलाओं की मेहनत, पारंपरिक कला और रोजगार की कहानी भी सामने आ रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने उत्पादों की बिक्री के साथ ग्राहकों की पसंद समझने, पैकेजिंग और प्रस्तुति को बेहतर बनाने तथा बड़े बाजार में संभावनाएं तलाशने का अवसर भी प्राप्त कर रही हैं।
आगरा की जरदोजी से लेकर अमरोहा के मसालों तक और अयोध्या की हर्बल चाय से लेकर आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी तक, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की स्थानीय कला और उत्पादों को एक साझा मंच मिला है। कन्नौज का इत्र और वाराणसी की कालीना भी ट्रेड शो में लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमियों की भागीदारी केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है। उन्हें अपने उत्पादों के विपणन, ग्राहकों की पसंद समझने, पैकेजिंग और बड़े बाजारों में उत्पाद पहुंचाने की संभावनाओं को समझने का अवसर भी मिल रहा है।







