मध्य प्रदेश से 38 पिस्टल-तमंचा ला रहे छात्र समेत तीन गिरफ्तार गाजीपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 19 पिस्टल, 19 देसी तमंचे और 18 कारतूस बरामद
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। मध्य प्रदेश के खंडवा और बुरहानपुर से ट्रेन के जरिए अवैध असलहे गाजीपुर लाकर बेचने वाले तीन युवकों को स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस ने बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों के पास से 19 पिस्टल, 19 देसी तमंचे और 18 कारतूस बरामद किए गए हैं गिरफ्तार आरोपितों की पहचान गाजीपुर के महम्मदाबाद निवासी रतन विश्वकर्मा, रवि कुमार और दिलदारनगर निवासी अभिषेक कुमार के रूप में हुई है पुलिस के अनुसार तीनों करीब एक वर्ष से असलहों की तस्करी से जुड़े थे और मध्य प्रदेश के करीब 10 चक्कर लगाकर 100 से अधिक असलहे बेच चुके थे।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईराज राजा ने बताया कि रतन विश्वकर्मा दो बार, जबकि रवि कुमार और अभिषेक कुमार चार-चार बार मध्य प्रदेश गए थे एक बार में एक व्यक्ति कम से कम 10 असलहे लेकर ट्रेन से गाजीपुर आता था। मध्य प्रदेश में एक तमंचा करीब डेढ़ हजार रुपये में मिलता था, जिसे यहां छह हजार रुपये तक में बेचा जाता था इसी तरह 20 से 25 हजार रुपये में मिलने वाली देसी पिस्टल यहां करीब 45 हजार रुपये तक में बिकती थी पुलिस के मुताबिक अभिषेक मीरजापुर के अदलहट स्थित कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है वह दसवीं तक पढ़े रवि के साथ विदेश जाने और रतन के शौक पूरे करने के लिए असलहा तस्करी से जुड़ा था।
बुधवार देर रात करीब 1:45 बजे कैथवलिया पुलिस चौकी के पास हथियारों की खेप पहुंचने की सूचना पर स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी की मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया तलाशी के दौरान रतन और रवि के पास छह-छह पिस्टल तथा अभिषेक के पास छह .32 बोर की पिस्टल और एक 9 एमएम की पिस्टल बरामद हुई तीनों के बैग से कुल 19 देसी तमंचे भी मिले पूछताछ में आरोपितों ने मध्य प्रदेश से असलहे लाकर गाजीपुर में आपूर्ति करने की बात स्वीकार की पुलिस को तस्करी नेटवर्क से जुड़े दो अन्य आरोपितों के नाम भी पता चले हैं, जिनकी तलाश की जा रही है असलहों के स्रोत, तस्करी के नेटवर्क और संभावित खरीदारों के बारे में भी जांच जारी है पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।








