पौहारी बाबा मंदिर से चोरी किए गए 20 पीतल के घंटे बरामद, ₹1 लाख नकद और दो चार पहिया वाहन भी मिले
आजमगढ़। मंदिरों से पीतल के घंटे चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का मेहनगर और तरवां पुलिस की संयुक्त टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए मेहनगर क्षेत्र के पौहारी बाबा मंदिर से चोरी किए गए 20 पीतल के घंटे, चोरी के माल की बिक्री से प्राप्त ₹1 लाख नकद और वारदात में प्रयुक्त दो चार पहिया वाहन बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने आजमगढ़ के पौहारी बाबा मंदिर में दो घटनाओं को अंजाम दिया था। इसके अलावा पूछताछ में गाजीपुर के सैदपुर थाना क्षेत्र स्थित एक मंदिर से पीतल के घंटे चोरी करने की घटना का भी खुलासा हुआ है।
पौहारी बाबा मंदिर में दो बार हुई चोरी
मेहनगर थाना क्षेत्र के पौहारी बाबा मंदिर में 29 सितंबर 2026 की रात 11 पीतल के घंटे चोरी किए गए थे। इसके बाद 1 अक्टूबर की रात फिर इसी मंदिर से 9 पीतल के घंटे चोरी कर लिए गए। दोनों घटनाओं में कुल 20 घंटे चोरी हुए थे।

मामले में थाना मेहनगर पर मु0अ0सं0 340/2026 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को चोरी के माल को बेचने और उसे खरीदने वाले व्यक्ति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
विशुनपुरा मोड़ पर पुलिस ने घेरा
पुलिस के अनुसार, 3/4 अक्टूबर की रात मेहनगर और तरवां पुलिस की संयुक्त टीम संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो चार पहिया वाहनों में चोरी किए गए पीतल के घंटे रखकर कुछ लोग विशुनपुरा मोड़, खरिहानी-चिरैयाकोट मार्ग के पास चोरी का माल एक वाहन से दूसरे वाहन में स्थानांतरित कर रहे हैं।
सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों वाहनों की घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने आवश्यक घेराबंदी कर छह आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी और निशानदेही के आधार पर पुलिस ने 20 पीतल के घंटे, ₹1 लाख नकद और दो चार पहिया वाहन बरामद किए।
पूछताछ में सामने आया चोरी का पूरा तरीका
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त श्याम गुप्ता ने बताया कि उसकी बर्तन की दुकान में लगातार घाटा हो रहा था। इसके बाद उसने चोरी के जरिए रुपये कमाने की योजना बनाई। उसने अपने यहां काम करने वाले सतीश कुमार और पप्पू राम, अपने बहनोई प्रेम कुमार तथा उसके साथ रहने वाले हर्ष गुप्ता को योजना में शामिल किया।
पुलिस के अनुसार, गिरोह मंदिरों से पीतल के घंटे चोरी करता था और उन्हें अतुल कसेरा निवासी मिर्जापुर को करीब ₹860 प्रति किलोग्राम की दर से बेचता था।
पूछताछ में आरोपियों ने पौहारी बाबा मंदिर से 29 सितंबर को 11 और 1 अक्टूबर को 9 घंटे चोरी करने की बात बताई। चोरी किए गए 20 घंटे दोनों वाहनों में लादकर बेचने के लिए ले जाए जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
गाजीपुर की मंदिर चोरी का भी खुलासा
पूछताछ में 7 अगस्त 2026 को थाना सैदपुर, जनपद गाजीपुर क्षेत्र में एक मंदिर से 4 पीतल के घंटे चोरी करने की घटना भी सामने आई। पुलिस ने उक्त घटना के संबंध में थाना सैदपुर में मु0अ0सं0 281/2026 धारा 303(2) बीएनएस दर्ज होना सत्यापित किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अन्य मंदिरों से भी घंटे चोरी किए जाने की बात बताई है। इन घटनाओं के संबंध में अभिलेखीय सत्यापन और आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है।
छह आरोपी गिरफ्तार
1. श्याम गुप्ता पुत्र राजन प्रसाद गुप्ता, निवासी लहरतारा बौलिया, थाना मडुवाडीह, वाराणसी, उम्र करीब 42 वर्ष।
2. प्रेम कुमार पुत्र स्व. राजेन्द्र प्रसाद, निवासी पियरिया पोखरी, थाना चेतगंज, वाराणसी, उम्र करीब 34 वर्ष।
3. पप्पू राम पुत्र विक्रमा राम, निवासी महुलसा, थाना सादात, गाजीपुर, उम्र करीब 35 वर्ष।
4. हर्ष गुप्ता पुत्र श्याम गुप्ता, निवासी चौकाघाट पानी टंकी, थाना जैतपुरा, वाराणसी, उम्र करीब 20 वर्ष।
5. सतीश कुमार पुत्र लालजीत, निवासी बिजरवा पचई पट्टी, थाना सादात, गाजीपुर, उम्र करीब 35 वर्ष।
6. अतुल कसेरा पुत्र दिनेश कुमार, निवासी तुलसी चौक, थाना कटरा कोतवाली, मिर्जापुर, उम्र करीब 30 वर्ष।
यह सामान हुआ बरामद
– चोरी किए गए 20 पीतल के घंटे
– चोरी के माल की बिक्री से प्राप्त ₹1,00,000 नकद
– टाटा नेक्सॉन, वाहन संख्या UP65 FF7867
– टाटा टिगोर, वाहन संख्या UP63 AE5290
बरामद नकदी में प्रेम कुमार के कब्जे से ₹50,000, श्याम गुप्ता से ₹46,000 और हर्ष गुप्ता से ₹4,000 बरामद किए गए।
पुलिस के मुताबिक, मामले में थाना मेहनगर के मुकदमे में धारा 3(5) और 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। वहीं गाजीपुर के सैदपुर थाना क्षेत्र की घटना में भी कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह के नेतृत्व और क्षेत्राधिकारी लालगंज आस्था जायसवाल के पर्यवेक्षण में की गई।








