बकाया मूलधन की श्रेणी के अनुसार अर्थदण्ड में 100 प्रतिशत तक की माफी का प्रावधान
आजमगढ़, 17 अक्टूबर 2026// संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक), राज्य कर, आजमगढ़ सम्भाग, आजमगढ़ श्रीराम सरोज ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जीएसटी लागू होने से पूर्व के विभिन्न कर अधिनियमों के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक सृजित बकायों पर ब्याज एवं अर्थदण्ड से राहत प्रदान करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य व्यापारियों को पुराने कर बकायों के निस्तारण का अवसर प्रदान करना तथा उन्हें आर्थिक राहत उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि यह योजना उत्तर प्रदेश बिक्री कर अधिनियम-1948, केन्द्रीय बिक्री कर अधिनियम-1956, उत्तर प्रदेश आमोद एवं पणकर अधिनियम-1979 एवं तदधीन निर्मित नियमावली, मनोरंजन कर, उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम-1995, उत्तर प्रदेश केबिल टेलीविजन नेटवर्क नियमावली-1997, उत्तर प्रदेश प्रवेश कर अधिनियम-2007 तथा उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम-2008 के अंतर्गत देय बकायों पर लागू है।
15 जनवरी 2027 तक ऑनलाइन आवेदन का अवसर
संयुक्त आयुक्त ने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र बकायेदार व्यापारी शासनादेश जारी होने की तिथि से तीन माह के भीतर, अर्थात् 15 जनवरी 2027 तक आवेदन कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत बकाया मूलधन की विभिन्न धनराशि श्रेणियों के अनुसार अर्थदण्ड में अधिकतम 100 प्रतिशत तक की माफी का प्रावधान है। इसके माध्यम से व्यापारी अपने पुराने कर बकायों का निस्तारण कर राहत प्राप्त कर सकते हैं।
योजना के अंतर्गत ऐसे बकायेदार व्यापारी भी लाभ प्राप्त कर सकेंगे, जिन्होंने योजना लागू होने से पूर्व बकाया मूलधन की पूर्ण अथवा आंशिक धनराशि जमा कर दी है। विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों के संबंध में निर्धारित शर्तों के अधीन योजना का लाभ लिया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित बकायेदार को न्यायालय में लंबित वाद वापस लेने के संबंध में निर्धारित आवेदन एवं शपथ-पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना में अर्थदण्ड से आशय केवल बकाया धनराशि जमा न करने के कारण लगाए गए अर्थदण्ड से है। अन्य प्रकार के अर्थदण्ड की माफी इस योजना के अंतर्गत अनुमन्य नहीं होगी। साथ ही, योजना लागू होने से पूर्व अथवा उसके बाद यदि किसी बकायेदार द्वारा देय कर, बकाया, ब्याज एवं अर्थदण्ड की कुल देय धनराशि से अधिक राशि जमा की गई है, तो अतिरिक्त जमा धनराशि को योजना के अंतर्गत वापस अथवा समायोजित नहीं किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत ब्याज एवं अर्थदण्ड की गणना आवेदन की तिथि तक की जाएगी। पात्र व्यापारी विभागीय वेबसाइट http://comtax.up.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने से पूर्व बकाया मूलधन, ब्याज एवं अर्थदण्ड की गणना कर निर्धारित धनराशि ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य होगा। निर्धारित धनराशि जमा करने के बाद ही ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा।
संयुक्त आयुक्त ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यापारियों की सुविधा के लिए प्रत्येक जोनल स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी। इसके माध्यम से बकायेदार व्यापारियों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। हेल्प डेस्क पर अधिकारियों की ड्यूटी नामवार रोस्टर के अनुसार निर्धारित की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना की अंतिम तिथि तक प्राप्त आवेदनों के संबंध में समस्त आवश्यक कार्यवाही योजना की समाप्ति के अगले 15 दिनों के भीतर पूर्ण की जाएगी। योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाएगा तथा व्यापारियों की सुविधा के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा।
संयुक्त आयुक्त ने पात्र व्यापारियों से अपील की है कि वे योजना की शर्तों एवं पात्रता की जानकारी प्राप्त कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करें और उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 का लाभ उठाते हुए अपने पुराने कर बकायों का निस्तारण सुनिश्चित करें।








