डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, ऑनलाइन ठगी और सेक्सटॉर्शन से बचने के बताए तरीके, साइबर हेल्पलाइन 1930 की दी जानकारी
आजमगढ़, 21 अक्टूबर 2026। नेशनल साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस मंथ (NCSAM) के तहत थाना साइबर क्राइम पुलिस ने फरिहा-शाहगंज रोड स्थित असीलपुर में साइबर जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक किया। अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज श्रीवास्तव के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी अपराध कौस्तुभ त्रिपाठी के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
अभियान के दौरान लाउडहेलर और पंपलेट के माध्यम से लोगों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर फर्जी पुलिस, सीबीआई और साइबर पुलिस अधिकारी बनकर पैसे मांगने, फर्जी ऐप डाउनलोड कराने, संदिग्ध लिंक के जरिए ठगी, गिफ्ट व लॉटरी के नाम पर धोखाधड़ी तथा सोशल मीडिया स्कैम के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने म्यूल अकाउंट और फर्जी मोबाइल नंबरों के जरिए होने वाले साइबर अपराधों के प्रति भी सतर्क किया।
पुलिस ने सेक्सटॉर्शन के बारे में बताया कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर दोस्ती करते हैं और वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग के जरिए ब्लैकमेल कर पैसे मांगते हैं। लोगों को अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने, अज्ञात नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से सावधान रहने और ब्लैकमेलिंग के दबाव में पैसे नहीं देने की सलाह दी गई।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही संबंधित बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता को सूचित करें और लेन-देन से जुड़े साक्ष्य सुरक्षित रखें।
अभियान में उपनिरीक्षक रजत सिंह सहित थाना साइबर क्राइम के पुलिसकर्मी मौजूद रहे।







