जामिया में छात्रों के आंदोलन का असर, छात्रसंघ चुनाव बहाली की प्रक्रिया को मिली समयसीमा, 15 मई 2027 तक संविधान लागू करने का निर्देश
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) में करीब दो दशक से बंद पड़े छात्रसंघ चुनावों की बहाली को लेकर छात्रों का आंदोलन अब अहम मोड़ पर पहुंच गया है 12 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए इस आंदोलन में छात्रों ने गेट नंबर 7 पर प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के माध्यम से अपनी मांग उठाई छात्रों की प्रमुख मांग वर्ष 2006 से बंद छात्रसंघ चुनावों को दोबारा शुरू कराने, छात्रसंघ का संविधान बहाल करने और चुनाव की निश्चित समयसीमा घोषित करने की थी।
इस आंदोलन में जासिम सहित कई छात्रों ने सक्रिय भूमिका निभाई, जबकि रेहान और एबिन बेसिल सहित छात्र भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का कहना था कि चुनाव बहाली को लेकर पहले भी कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। वर्ष 2017 में भी मीरान हैदर के प्रयासों से चुनाव बहाली की मांग उठी थी, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
छात्रों के लगातार विरोध और 29 अक्टूबर 2026 को उनके प्रतिनिधियों की ओर से प्रस्तुत अनुरोध पत्र पर विचार करने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए जारी पत्र के अनुसार, जामिया छात्रसंघ के संविधान को स्वीकृति देने और लागू करने की प्रक्रिया 15 मई 2027 तक पूरी की जाएगी इसके बाद लिंगदोह समिति की सिफारिशों और दिशा-निर्देशों के अनुसार चुनाव की अधिसूचना जारी होगी प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर चुनाव संपन्न कराने का लक्ष्य रखा है 16 जुलाई 2027 से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र के आधार पर चुनाव लगभग छह सप्ताह के भीतर कराए जाने की बात कही गई है।
प्रशासन ने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ जारी लंबित कारण बताओ नोटिस, अनुशासनात्मक कार्रवाई, निष्कासन, निलंबन और परिसर में प्रवेश प्रतिबंध से संबंधित आदेश वापस लेने की बात कही है। साथ ही छात्रों से तत्काल प्रभाव से प्रदर्शन और भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की गई है,करीब 18 दिनों तक चले इस आंदोलन के बाद प्रशासन की घोषणा को छात्रों की मांगों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है हालांकि, अब सबसे अहम बात यह होगी कि घोषित समयसीमा के भीतर छात्रसंघ का संविधान लागू होता है और चुनाव की प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी होती है या नहीं।








