चुनाव व रिजल्ट के बाद नहीं रुक रही हिंसा….
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा घटना उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके से सामने आई है, जहां भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में हड़कंप मच गया है और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, चंद्रनाथ रथ कुछ लोगों के साथ मौजूद थे, तभी हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावर पीछा करते हुए आए, उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर रोका और फिर करीब 12 राउंड गोलियां चलाईं। बताया जा रहा है कि चंद्रनाथ रथ को सिर, सीने और पेट में कई गोलियां लगीं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

भाजपा ने इस हत्या को “राजनीतिक हत्या” करार देते हुए तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने इसे पूर्व नियोजित साजिश बताते हुए राज्य सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने आरोपों को खारिज करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है और हिंसा की घटनाओं की निंदा की है।
चुनाव परिणाम आने के बाद से पश्चिम बंगाल के कई जिलों में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। हावड़ा, बीरभूम, उत्तर 24 परगना और संदेशखाली समेत कई इलाकों में भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच झड़प, आगजनी और हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस ने कई जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लेने के साथ कई एफआईआर दर्ज की हैं।
राजनीतिक हिंसा की इन घटनाओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष जहां राज्य सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगा रहा है, वहीं सत्ताधारी दल विपक्ष पर माहौल बिगाड़ने की राजनीति करने का आरोप लगा रहा है। पश्चिम बंगाल में लगातार बढ़ रही हिंसा अब राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बनती जा रही है।









