युवा स्वच्छता को अपनी दिनचर्या में शामिल करें तथा अभियान को जन-जन तक पहुंचाऐं:- कुलपति
आजमगढ़, 28 मार्च — महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय (सुविवि) के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत शनिवार को चंद्रमा ऋषि आश्रम परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और सैकड़ों स्वयंसेवकों ने भाग लेकर श्रमदान किया।
‘स्वच्छ भारत अभियान’ के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में कुलसचिव, वित्त अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयंसेवकों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया और खुद भी सफाई कार्य में सहभागिता की।
सुबह से ही विश्वविद्यालय परिवार का काफिला आश्रम परिसर पहुंचा, जहां मंदिर के मुख्य प्रांगण, यज्ञशाला, आवागमन मार्गों और श्रद्धालुओं के विश्राम स्थलों की साफ-सफाई की गई। इसके साथ ही कचरा प्रबंधन, डस्टबिन की व्यवस्था और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि शिक्षण संस्थान केवल ज्ञान के केंद्र नहीं होते, बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संवाहक भी होते हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रमा ऋषि आश्रम जैसी धरोहरों की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है और स्वच्छता व्यक्ति के संस्कारों का प्रतीक है।
कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा ने कहा कि यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जन-जागरूकता का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की।
वित्त अधिकारी श्री झा ने स्वच्छता को स्वास्थ्य और विकास से जोड़ते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण समाज को सकारात्मक ऊर्जा देता है और बीमारियों की रोकथाम में सहायक होता है। वहीं, परीक्षा नियंत्रक श्री आनंद कुमार ने युवाओं से स्वच्छता को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
अभियान के समापन पर आश्रम के महंत और स्थानीय नागरिकों ने विश्वविद्यालय के इस प्रयास की सराहना की। इस दौरान सभी ने प्रति सप्ताह कम से कम दो घंटे श्रमदान करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. देवेंद्र पाण्डेय के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशि प्रकाश शुक्ला, डॉ. हरेंद्र सिंह प्रजापति, डॉ. मनीषा सिंह, डॉ. सचिन राय, डॉ. रेनू तिवारी, कुलपति के निजी सचिव भूपेंद्र पाण्डेय सहित अनेक शिक्षक, कर्मचारी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।









